चंदेरिया संयंत्र में लेवल-3 मॉक ड्रिल, गैस रिसाव की आपात स्थिति से निपटने का किया प्रयास।

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चितौडगढ,नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट

चंदेरिया संयंत्र में लेवल-3 मॉक ड्रिल, गैस रिसाव की आपात स्थिति से निपटने का किया अभ्यास

हिन्दुस्तान जिंक प्रबंधन और जिला प्रशासन की संयुक्त तत्परता परखी गई, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, पुलिस व सिविल डिफेंस टीमों ने लिया हिस्सा

चित्तौड़गढ़। हिन्दुस्तान जिंक के चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर में मंगलवार को आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए लेवल-3 मॉक ड्रिल आयोजित की गई। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की अवधारणा के अनुरूप आयोजित इस अभ्यास में पायरो इकाई के प्रोपेन गैस भंडारण क्षेत्र में गैस रिसाव की काल्पनिक स्थिति बनाकर बचाव, राहत और नियंत्रण व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।

सुबह करीब 11 बजे प्रोपेन गैस रिसाव की सूचना मिलते ही हिन्दुस्तान जिंक की अग्निशमन सेवा, एंबुलेंस और बचाव दल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। टीमों ने गैस रिसाव के संभावित प्रभावों को नियंत्रित करने के साथ सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान संयंत्र में उपलब्ध स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर हाइड्रेंट प्रणाली और अग्निशमन वाहनों का उपयोग करते हुए आपात स्थिति पर नियंत्रण पाने का अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भी घटनाक्रम की सूचना दी गई। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू और पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह को स्थिति तथा राहत एवं बचाव के लिए की जा रही तैयारियों से अवगत कराया गया। संभावित आपात स्थिति में बाहरी संसाधनों के समन्वय की क्षमता जांचने के लिए बिरला सीमेंट वर्क्स और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), जालमपुरा से भी सहायता मांगी गई।

नियंत्रण कक्ष से किया अभियान का संचालन

चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर के लोकेशन हेड एवं साइट इमरजेंसी कंट्रोलर आलोक रंजन तथा महेश कन्नन ने नियंत्रण कक्ष से पूरे अभ्यास का संचालन किया और संबंधित टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। घटनास्थल पर हिन्दुस्तान जिंक के सुरक्षा प्रमुख विजय गोयल, सीएलजेडएस के सुरक्षा प्रमुख बालचंद पाटीदार, फायर ऑफिसर विनय तथा इंसिडेंट कंट्रोलर पुष्पेंद्र मीणा ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।

मॉक ड्रिल के दौरान बाहरी सहायता एजेंसियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही हिन्दुस्तान जिंक की टीम ने काल्पनिक गैस रिसाव की स्थिति पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। इसके बाद अभ्यास समाप्त कर इसे मॉक ड्रिल घोषित किया गया।

प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों की रही भागीदारी

अभ्यास के दौरान वरिष्ठ निरीक्षक, कारखाना एवं बॉयलर्स विभाग हिम्मत सिंह भाटी, जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय की सहायक कलेक्टर मुद्रा रहेजा तथा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक गंगरार उदय सिंह चुंडावत मौके पर पहुंचे। गंगरार थाने से एएसआई फूलचंद सहित पुलिस कंट्रोल रूम का जाब्ता भी मौजूद रहा।

इसके अलावा गंगरार तहसीलदार रजनी चौधरी, चंदेरिया, गंगरार और चित्तौड़गढ़ थाना पुलिस, श्री सांवलियाजी सामान्य चिकित्सालय की एंबुलेंस, बिरला सीमेंट की अग्निशमन सेवा, 108 एंबुलेंस सेवा, गंगरार एंबुलेंस, चित्तौड़गढ़ अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस टीम तथा अन्य सहयोगी एजेंसियों ने मॉक ड्रिल में भाग लिया।

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मॉक ड्रिल को सफल और उपयोगी बताते हुए कहा कि औद्योगिक इकाइयों में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए नियमित रूप से ऐसे अभ्यास आवश्यक हैं। इससे उद्योग प्रबंधन, प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलती है। अधिकारियों ने आपात स्थिति में त्वरित बचाव, राहत और आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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