मरघट में अवैध खनन कर हिंदू धर्म को आहत कर रहे।

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चित्तौड़गढ़ /कपासन
नरेंद्र सेठिया
स्लग: मुर्दे के अंग आये बाहर
एंकर
जिले के भादसोड़ा थाने क्षेत्र के गाँव …कुंथणा ग्राम पंचायत के अधीन सुरखंड.. अंतर्गत आने वाले गांव में दबंग शमशान की भूमि को भी नहीं बक्श रहे है।
दबंग रात हो या दिन सुबह हो या शाम को मरघट में अवैध खनन कर हिंदू धर्म को आहत कर रहे है,वही हिंदू संगठनों में इन बजरी माफियो के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
वही भाम्भी समाज के लोगो में आक्रोश देखने को मिल रहा है,वही समाज अब एकजुट होकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर हो रहा है।
सत्ता में बैठे मठाधीशों की बात हो या सरकारी तंत्र का असफल प्रशासन,क्योंकि इन बजरी माफिया को न तो सरकार का डर है, ना ही जिला प्रशासन और ना खाकी का डर है अगर डर होता तो यह माफिया मरघट जैसी पवित्र भूमि पर खनन करने की हिम्मत नही करते ।
जिस तरीके से यह माफिया धड़ल्ले से भाम्बी समाज के मरघट में जेसीबी और ट्रैक्टरों से अवैध खनन कर रहे है,उसी मरघट के अंदर सो रहे मुर्दे के क्षत विक्षित अंग खुदाई के दौरान बाहर आरहे है….और शमशान के अंदर जारी है खुदाई का कार्य ।
अब ऐसे मे कई सवाल खड़े होते है,जब शमशान के अंदर दफन गए मुर्दे ही सुरक्षित नहीं है तो फिर इस राज्य में सुरक्षित कौन है..??? यह सबसे बड़ा सवाल है…??
क्योंकि जिनके ऊपर सुरक्षा की रखवाली की जवाबदारी होती है वही आँखे मूंद कर बैठ जाये तो फिर होगा क्या…???
आखिर अब इंसाफ की गुहार किनसे लगाई जा सके आखिर इस तरह की घटना की जवाबदारी कोन लेगा यह बड़ा सवाल है..??
इंसाफ करने वाले ही न्याय नही दे पाए तो मुर्दे किससे इंसाफ कराये…??
क्योंकि जिस तरीके से इस वीडियो के माध्यम से दिखाई दे रहा है कि मरघट की भूमि में बजरी माफिया अपने निजी हित के लिए मरघट की भूमि का सीना चीरकर अंदर से सो रहे मुर्दे के अंग बाहर आरहे है यह वही मुद्रे है जो धरती माता की गोद में आराम कर रहे हैं मुर्दे है ओर उनके अंग बाहर आने लगे हैं ।
अब ऐसे में किस को क्या कहें यह तो देखने वाले ही बता पाएंगे ..? अब यह कहना उचित नही होगा की लाचार कानूनी व्यवस्था और अंधेर नगरी चौपट राजा वाला खेल..क्योंकि यहां न जिला प्रशासन का डर है, ना खाकी वर्दी का डर दिखाई दिया…!
यहां तो सिर्फ और सिर्फ बजरी माफिया का डर दिखाई दिया है क्योंकि बजरी माफिया के आगे लगता है प्रशासन भी नतमस्तक नजर आया है,और अब देखना यह होगा कि इन मुर्दो को इंसाफ कोन देगा ..??
अब ऐसा लगने लगा है कि मुद्रे भी इंसाफ मांग रहे हैं, कि मरने के बाद हमें तो बख्श दो पूरा जहां पड़ा है, जहाँ चाहो वहां जमीन रेत निकालो लेकिन हमें तो चैन से सोने दो….???
अब सरकार को चाहिए कि ऐसे बजरी माफिया को कड़ी से कड़ी सजा दे और मरघट की भूमि में जो मुर्दे आराम कर रहे हैं उन्हें चैन से सोने दें…. पुलिस थाना अधिकारी अक्षय तंवर भादस़ोड़ा को फोन नं. 8239131745 लाईन पर फोनो करवाया सर

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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