चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट नए शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन चित्तौड़गढ़ जिले में शिक्षा विभाग ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच शिक्षकों पर शिकंजा कस दिया है। सरकार के निर्देशों के तहत की गई जांच में दिव्यांग कोटे का गलत लाभ लेने का मामला सामने आने पर विभाग ने एक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया
है, जबकि अन्य चार शिक्षकों के निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2016 से 2022 के बीच हुई शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में चयनित 85 दिव्यांग शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की उदयपुर स्थित संभाग स्तरीय मेडिकल कॉलेज से जांच करवाई गई थी।
जांच में पांच शिक्षकों के दिव्यांग प्रमाण पत्र नियमानुसार मान्य नहीं पाए गए। विभागीय नियमों के अनुसार दिव्यांग आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता होना आवश्यक है, जबकि इन शिक्षकों के प्रमाण पत्र निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।
कार्रवाई के तहत राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बानसेन में कार्यरत शिक्षक चंद्रेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दिव्यांग कोटे में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने वाले सभी पांच शिक्षकों के खिलाफ संबंधित संस्था प्रधानों के माध्यम से एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) में प्रकरण दर्ज करवाया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि एसओजी की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की तैयारी में है।
Author: Rainbow News Hindustan
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