एसपीयू महाविद्यालय में एफडीपी का दूसरा दिन संपन्न, भाषा विकास में सहायक नवाचारों पर जोर।
फालना। एसपीयू महाविद्यालय, फालना में आयोजित छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) के दूसरे दिन भाषा विकास में सहायक नवाचारों एवं शिक्षण पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में ओपन डिस्कशन के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने विचार एवं अनुभव साझा किए।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गौतम शर्मा ने अपने उद्बोधन में भाषा विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभावी संप्रेषण एवं भाषा कौशल शिक्षण प्रक्रिया को अधिक उपयोगी और प्रभावशाली बनाते हैं। वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ ललित कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए भाषा विकास के लिए नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम आयोजन सचिव डॉ युधिष्ठिर शर्मा ने भाषा शिक्षण में नवाचार, संवादात्मक गतिविधियों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
मोहम्मद यामीन ने बताया कि मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा मिलने से बच्चों को विषयवस्तु समझने, अपनी बात सहजता से व्यक्त करने तथा सीखने की प्रक्रिया से जुड़ने में सहायता मिलती है। पी भास्कर ने दूसरे देशों यथा जर्मनी, जापान, चीन आदि का उदाहरण देते हुए भाषा संबंधी नवाचारों के प्रयोगों पर बोल दिया।
दूसरे दिन का सत्र ओपन डिस्कशन के लिए रखा गया, जिसमें डॉ चेनाराम, डॉ अंशुल शर्मा एवं माधवी श्रीमाली ने विषय से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की तथा अपने अनुभव साझा किये, साथ ही प्राथमिक शिक्षा में मातृभाषा के प्रयोग की उपयोगिता पर भी विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. युधिष्ठिर शर्मा ने किया। अंत में पी. भास्कर ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
Author: Rainbow News Hindustan
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