आरएएस की तैयारी कर रहे युवक ने किया सुसाइड: दादा देखने गए तो पंखे से झूलता मिला
मुंडारा,गिरधारी मेवाड़ा
मुंडारा समीपवर्ती डुंगरली गांव में शनिवार शाम करीब आरएएस अभ्यर्थी महेंद्र मकवाणा (मेघवाल) पुत्र दीपाराम 21 वर्ष ने अपने घर के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। महेंद्र मकवाणा जयपुर में आरएएस परीक्षा की दो साल से कोसिग कर रहा था और वर्ष 2025 के परीक्षा परिणाम में एक-डेढ़ नंबर से पीछे रह गया था। करीब 20 दिन पहले वह पैतृक गांव डुंगरली (बाली) आया था,मृतक मकवाणा हँसमुख व मिलनसार स्वभाव का युवक था। पिता पुणे में मारबल फिटिंग का कार्य करते हैं।
घटना शनिवार शाम करीब 6 बजे डुंगरली गांव में हुई।
दादा सुजाराम ने बताया की महेंद्र ने शनिवार सुबह बोला था कि दोपहर तीन बजे फालना से जयपुर निकल जाएगा। शनिवार को देर तक घर से बाहर नहीं निकला तो मैं (दादा) देखने गया। तब महेंद्र कमरे में फांसी लगा हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से समीपवर्ती सादड़ी सीएससी ले गए डॉक्टरो ने महेन्द्र को मृत घोषित कर दिया। शव को सादड़ी सीएससी की मॉर्च्यूरी में रखवाया।
पुलिस थाना सादड़ी मुख्य आरक्षी अशोककुमार ने बताया की दादा सुजाराम की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर आत्महत्या करने की जांच की जा रही है।
*शनिवार सुबह माता-पिता से बातचीत की थी*
महेंद्र पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर था। आरएएस के वर्ष 2025 के परीक्षा परिणाम में वह एक-डेढ़ नंबर से पीछे रह गया था। संभवतः पढ़ाई के डिप्रेशन में उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।शनिवार सुबह ही मृतक ने पूणा माता-पिता से बातचीत कर शनिवार को दोपहर तीन बजे फालना से जयपुर जाने के बारे में अवगत करवाया था साथ ही दादा व परिवार के सदस्यों को भी जयपुर जाने के बारे में अवगत करवाया था।परिवार के सदस्यों का कहना है कि आखिरकार ऐसा किया हो गया कि आत्महत्या कर दी।
*पुश्तेनी मकान में अकेला रह रहा था*
मृतक महेन्द्र अपने पुश्तेनी मकान में करीबन 10 दिनों से अकेला रह रहा था।माता लीलादेवी ग्रीष्मकालीन अवकाश होने से अपने छोटे भाई दिलीप मकवाणा के साथ 10 दिन पूर्व ही पूणा (महाराष्ट्र) पिता दीपाराम के पास गए थे।तभी से मृतक पुश्तेनी मकान में अकेला ही रह रहा था।बड़ा भाई चेतन सुमेरपुर स्थित महावीर हॉस्पिटल में नर्सिंग का काम करता था।मृतक का छोटा भाई दिलीप वर्तमान में पढ़ाई कर रहा है।मृतक स्वयं खाना बनाता था व घरेलू कार्य भी स्वयं करता था।कभी कभार पुश्तेनी मकान के सामने बड़े पिता,दादा व चाचा के वहा खाना खा लिया करता था।
*सेवानिवृत्त दादा का लाड़ला पोता था*
मृतक के दादा सुजाराम मकवाणा पीडब्ल्यूडी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद से सेवानिवृत्त है।दादा सुजाराम का होनहार लाड़ला पोता था।दादा पोता को आर्थिक सहायता भी करते रहते थे।दादा ने बताया कि पोता 20 दिन पूर्व ही जयपुर से डुंगरली गावं आया था तभी से खुश था कभी भी मुझे,परिवार, मित्रों व गली मोहल्ले में पढ़ाई के दबाव के बारे में अवगत नहीं कराया।परिवार का भी कोई पढ़ाई के बारे में दबाव था।जिससे पोता डिप्रेशन में रहता। न जाने ऐसा किया हो गया कि आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर विवश हो गया।
परिवार के सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल था।लोग सांत्वना दे कर संभाल रहे थे।रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।गमगीन माहौल में मृतक महेंद्र का अन्तिमसंस्कार कर दिया गया।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





