चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया काबरा में तुलसी सालिग्राम विवाह के बाद कोटड़ी में पांवणा रिती कार्यक्रम में उमड़ा आस्था का सैलाब ।
ठाकुर जी के जयघोष से गुंजायमान हुआ कोटड़ी-काबरा क्षेत्र
“फुलड़ा ले आरे मालीड़ा म्हारे घर आवेला भगवान…” भजनों पर झूमे श्रद्धालु
रेलमगरा। रेलमगरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोटड़ी में आयोजित रविवार को तुलसीमाता सालिग्राम पांवणा रिती समारोह ने इस वर्ष ऐतिहासिक स्वरूप धारण कर लिया। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। “फुलड़ा ले आरे मालीड़ा म्हारे घर आवेला भगवान…” जैसे पारंपरिक भजनों और ठाकुर जी के जयघोष से कोटड़ी एवं काबरा क्षेत्र देर रात तक गूंजता रहा। श्रद्धालु ईश्वर प्रेम में इतने भावविभोर नजर आए कि काबरा से कोटड़ी तक करीब चार किलोमीटर की यात्रा पैदल ही नाचते-गाते तय की।उल्लेखनीय है कि 8 मई को काबरा गांव में तुलसी माता एवं सालिग्राम विवाह का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ था। विवाह के बाद अब परंपरानुसार कोटड़ी में पांवणा रिती का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वसमाज की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का भी अनूठा संदेश दिया। काबरा एवं कोटड़ी के ग्रामीणों ने मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक रूप प्रदान किया। समाज के सभी वर्गों ने एकजुट होकर सनातन संस्कृति की परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का संकल्प प्रदर्शित किया। आयोजन के दौरान कहीं कोई पीछे न रह जाए, इसके लिए ग्रामीणों द्वारा लगातार नई पहल करते हुए सभी को धार्मिक कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में सबसे आकर्षण का केंद्र तुलसी माता के हथलेवे की भेंट रही। काबरा ग्रामवासियों ने हजारों लोगों की मौजूदगी में करीब पौने तीन लाख रुपये नकद, लगभग आधा किलो चांदी एवं सोने के आभूषण कोटड़ी ग्रामवासियों को भेंट कर एक ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त पांवणा रिती स्वरूप 21 हजार रुपये नकद राशि भी भेंट की गई। जानकारी के अनुसार यह संपूर्ण राशि चारभुजानाथ मंदिर कोष में जमा करवाई जाएगी। साथ ही कोटड़ी के पुजारी को पारंपरिक वेशभूषा भेंट कर सम्मानित किया गया। काबरा से पहुंचे महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने तुलसी माता और ठाकुर जी को नकद राशि, वस्त्र एवं अन्य भेंट अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।आयोजन में महिलाएं एवं पुरुष केसरीया तथा रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे नजर आए। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया और पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व भी कोटड़ी में दो भव्य तुलसी सालिग्राम विवाह आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें एक बारात बामणिया कला से ठाकुर जी की तथा दूसरी धमाना से रणछोड़राय जी की आई थी। इस बार भी तीनों तुलसी माता एवं ठाकुर जी को विशेष रूप से पांवणा रिती में शामिल कर ठाठ-बाट के साथ विदाई दी गई। “दे तुलसी मैया वरदान इतना, बनो म्हारो चारभुजा रो नाथ…” जैसे भक्तिमय भजनों पर श्रद्धालुओं ने देर रात तक नृत्य कर आयोजन को यादगार बना दिया। डीजे की धुन, जयकारों और भक्ति संगीत के बीच काबरा से कोटड़ी तक श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
फोटो अटैच 02
फोटो 01 : कोटड़ी गांव में तुलसी सालिग्राम विवाह के दौरान पांवणा रिती में राशि भेंट करते काबरा के ग्रामीण।
फोटो 02 : कोटड़ी गांव में तुलसी सालिग्राम विवाह के दौरान पांवणा रिती में विराजित तीनों तुलसी माता एवं ठाकुर जी।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





