मन वचन काया को साधना है इसे साध लिया तो आपातकाल में भी मन नहीं भटकेगा।

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चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया
भादसोड़ा कस्बें मे मन बड़ा चंचल है मन को वश में करना आवश्यक है स्वाध्याय करते समय भी मन भटकता है स्वाध्याय हमारी साधना है निरंतरता ही साधना है मन वचन काया को साधना है इसे साध लिया तो आपातकाल में भी मन नहीं भटकेगा साधना में साधक ही टिक सकता है सामान्य नहीं इसलिए सामान्य से साधक बनना पड़ता है, अपनी रुचि के अनुसार साधना करें संकल्प करें ध्यान करें हमारे सोने उठने खाने का टाइम मन को पता है बिना घड़ी के भी आप समय पर साधना के माध्यम से क्रियाएं कर सकते हैं सामयकी से अशुभ कर्मों के उदय को रोका जा सकता है कठिनाइयों से सामना करने की ताकत मिलती है संकल्प को पूरा करने से आंतरिक शक्ति का जागरण होता है आत्म विश्वास बढ़ता है बड़ों के आशीर्वाद से मांगलिक सुनने से पूजा पाठ करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, आत्मविश्वास सफलता का स्रोत भी है यह विचार भादसोड़ा में वर्धमान स्थानक में युवाचार्य महेंद्र मुनि ने धर्म सभा के दौरान रखे। हीतेंद्र ऋषि महाराज आदि ठाणा 4, मेवाड़ उप प्रवर्तक कोमल मुनि महाराज आदि ठाणा 2 और उप प्रवर्तनी दिव्य प्रभाजी महाराज साहब एवं श्रावक श्राविकाएं उपस्थित थे। संचालन संघ मंत्री रमेश चंडालिया ने किया

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Author: Rainbow News Hindustan

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