चितौडगढ,नरेन्द्र सेठिया
राजस्थान में विकास नहीं,केवल घोषणाओं और प्रचार की राजनीति हो रही है,डॉ.ललित बोरीवाल
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव ने राजस्थान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में युवाओं, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएँ और प्रचार कर रही है, जबकि धरातल पर आम जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
डॉ. ललित बोरीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना इसका सबसे बड़ा उदाहरण बन चुकी है। स्वरोजगार से जुड़ने और अपना व्यवसाय बढ़ाने की उम्मीद में प्रदेश के 90 हजार से अधिक युवाओं ने बिना ब्याज ऋण के लिए आवेदन किए तथा लगभग 4427 करोड़ रुपये के ऋण की मांग सामने आई। उद्योग विभाग द्वारा 2074 करोड़ रुपये से संबंधित 42,500 से अधिक आवेदन स्वीकृत कर बैंकों को भेजे गए, लेकिन बैंक स्तर पर प्रक्रिया अत्यंत धीमी रही। उन्होंने कहा कि अब तक केवल 99 आवेदनों को ही अंतिम मंजूरी मिली और महज 60 युवाओं को ही ऋण प्राप्त हो पाया, जिससे युवाओं में निराशा और अविश्वास लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास यात्राओं और प्रचार अभियानों के माध्यम से उपलब्धियों का ढिंढोरा पीट रही है, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को वर्तमान सरकार अपनी उपलब्धि बताकर प्रचारित कर रही है, उनमें से अधिकांश कार्य पूर्ववर्ती सरकार के समय स्वीकृत या प्रारम्भ किए गए थे।
डॉ. बोरीवाल ने उदाहरणस्वरूप विधानसभा क्षेत्र कपासन तथा कपासन नगर पालिका कपासन का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान कार्यकाल में नगरपालिका क्षेत्र कपासन में विधायक मद से एक रुपये तक का उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका की बहुमूल्य जमीनों को औने-पौने दामों में बेचा गया और उससे प्राप्त राशि का उपयोग वास्तविक विकास कार्यों के बजाय केवल दिखावटी परियोजनाओं में किया गया।
उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर लाखों रुपये की लागत से मूर्तियाँ स्थापित की गईं, जबकि उनकी वास्तविक लागत इतनी अधिक प्रतीत नहीं होती। उन्होंने मांग की कि जनता के सामने पारदर्शिता रखते हुए यह स्पष्ट किया जाए कि की प्रतिमा पर कितना खर्च किया गया, स्थापित की जा रही की प्रतिमा की लागत कितनी है तथा स्टेट हाईवे पर स्थापित गौमाता प्रतिमा पर कितना सार्वजनिक धन व्यय किया गया।
उन्होंने कहा कि यदि इन कार्यों में पूर्ण ईमानदारी और पारदर्शिता बरती गई है तो संबंधित आंकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उनका आरोप है कि विकास के नाम पर केवल प्रतीकात्मक कार्य कर जनता के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
डॉ. ललित बोरीवाल ने पंचायत राज एवं स्वायत्त शासन चुनावों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार विभिन्न मुद्दों—जैसे सर्वे, परिसीमन, आरक्षण एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं—का हवाला देकर चुनाव टालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोज़गारी और आर्थिक संकट से आम परिवार परेशान हैं, लेकिन सरकार जनसमस्याओं के समाधान के बजाय केवल राजनीतिक प्रचार में व्यस्त दिखाई देती है।
उन्होंने दावा किया कि जनता अब वास्तविकता को समझ चुकी है और केवल प्रचार आधारित राजनीति से प्रभावित होने वाली नहीं है। आने वाले समय में जनता विकास, पारदर्शिता और जनहित के मुद्दों पर अपना निर्णय सुनाएगी।
Author: Rainbow News Hindustan
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