आंधी-तूफान में हिंदुस्तान जिंक का जीरोपिक्स गांव मे उड़ती जहरीली मिट्टी
गांव बिलिया का भूरा हाल
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) के चंदेरिया लेड-जिंक स्मेल्टर स्थित है, कल भी तेज हवा से बिना ढका खतरनाक अपशिष्ट जीरोपिक्स (Zero-Pix) का पहाड़ हवा से उड़कर आस पास के गांव बिलिया, नगरी, आदि क्षेत्रों में उड़कर लोगों की आंखों, और सांसों में समा गया वही किसानों के खेतों और घरों की छतो और घरों में पहुंच गया, जो कि गहन चिंता का विषय बना है।
दोपहर बाद मोसम ने करवट लेने पर आंधी-तूफान चला
रिपोर्ट्स के अनुसार, चंदेरिया के पास के गांवों में धुली (Fugitive emissions) और औद्योगिक अपशिष्ट के फैलने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य, खेती और पशुधन पर बुरा असर पड़ रहा है। बता दे कि 10 मार्च 2026 को ही हिंदुस्तान जिंक के प्रस्तावित खाद प्लांट की जनसुनवाई हुई है, जिसे ग्रामीणों ने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के खाद प्लांट को सिरे से नकार दिया है, उन्होंने कहा कि वो उन्हें खाद प्लांट प्रदूषण रूपी जहर की फैक्ट्री नहीं चाहिए। ग्रामीण पहले से ही हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के प्रदूषण और शोषण से परेशान है। ग्रामीणों का आरोप है कि हवा और बारिश के साथ, आसपास के इलाकों जैसे पुठोली, आजोलिया का खेड़ा, और बिलिया (जो प्लांट के 10 किमी के दायरे में हैं) के घरों और खेतों में काले और लाल रंग का सूक्ष्म धूल कण (जिसे स्थानीय लोग अक्सर जीरोपिक्स या स्लैग डस्ट कहते हैं) जमा हो जाता है। ग्रामीणों ने सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा और चर्म रोगों जैसी बीमारियों के बढ़ने की शिकायतें की हैं, क्योंकि यह धूल इंसानों और पशु-पक्षियों की सांसों में समा रही है। खेतों की ऊपरी परत पर जमा होने वाले इस अपशिष्ट से मिट्टी की उपजाऊ क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे फसल के खराब होने का खतरा बना रहता है।हिंदुस्तान जिंक पर पहले भी पर्यावरण उल्लंघन के लिए 25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें चंदेरिया और रामपुरा आगूचा खदानों से संबंधित प्रदूषण के मुद्दे शामिल थे। हिंदुस्तान जिंक का कहना है कि वे पर्यावरण मानकों का पालन कर रहे हैं और धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी के छिड़काव, कवर्ड स्टोरेज और इंटरनल सड़कों को पक्का करने जैसे उपाय कर रहे हैं। लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ भी नहीं है, स्थानीय स्तर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के लिए प्रदूषण का मुद्दा एक चुनौती बना हुआ है। आमजन मानस इतने परेशान हो गए कि कई बार शिकायतों पर शिकायत के बावजूद भी हिंदुस्तान जिंक के रसूख के आगे प्रशाशन भी कार्यवाही के नाम पर बेबस दिखाई दे रहा है।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





