नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट
हिंदुस्तान जिंक के प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट के विरोध प्रदर्शन के साथ हुई जनसुनवाई।
भारी हंगामे के बीच जनसुनवाई
पीड़ित ग्रामीणों ने कहा खाद प्लांट नहीं चाहिए
चित्तौडगढ़, राजस्थान।
गंगरार उपखंड के पुठोली स्थित हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में लगने वाले खाद फर्टिलाइजर प्लांट की पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु जनसुनवाई आज आजोलिया का खेड़ा स्थित सगरा माता मंदिर प्रांगण में आयोजित की गई। जिसमे जिला अतिरिक्त कलेक्टर रामचंद्र खटीक, क्षेत्रीय अधिकारी आशीष बोरासी,तथा गंगरार उपखंड अधिकारी पुनीत कुमार गेलरा मौजूद रहे
हिंदुस्तान जिंक के प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट की जनसुनवाई पूरी तरह विवादों के साये में रही। प्रदूषण की मार झेल रहे हजारों ग्रामीणों, युवाओं और बुजुर्गों के प्रचंड विरोध के कारण प्रशासन और कंपनी का जन सुनवाई कड़े विरोध के साथ हुआ
पीड़ित ग्रामीणों ने जनसुनवाई की शुरुआत से लेकर अंत प्रभावित गांवों के लोगों ने एक स्वर में गर्जना की- “हमें विकास नहीं, शुद्ध हवा और पानी चाहिए।” इसलिए हमें खाद प्लांट नहीं चाहिए प्रभावित गांवों का सामूहिक बहिष्कार और आक्रोश
पुठोली, आजोलिया का खेड़ा, बिलिया, नगरी, धोरडिया, मूंगा का खेड़ा, सुवानीया गांवों के पीड़ित ग्रामीणों ने मंच से अपना दर्द बयांकिया। जहां जन सुनवाई मे महिलाओ ने अपनी बात अधिकारीगण के सामने रखी,गाय भेस की मृत्यु ,पानी,सांस की बिमारी,खेत पर जाते समय मूह पर रूमाल बांधना पड़ता है और भी कई तरह के सवाल अधिकारीगण को कहे गये
ग्रामीणों ने दो-टूक कहा कि मौजूदा प्लांटों ने पहले ही खेती को बंजर और हवा, पानी को जहरीला बना दिया है, पानी पाताल छू रहा है। हमें न रोजगार का लालच चाहिए और न ही झूठा विकास, हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए सिर्फ जीने लायक वातावरण चाहिए। हम हाथ जोड़ते है
ग्राम सभाओं का ऐतिहासिक प्रस्ताव रिकॉर्ड पर
जनसुनवाई के दौरान बिलिया,नगरी,आज्योल्या का खेड़ा, मुगां का खेड़ा, सुवानिया की लिखित गांव की समस्याओ को सोपा गया
आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड मे लिया गया
पुठोली, आजोलिया का खेड़ा, बिलिया, मूंगा का खेड़ा, सुवानिया,मेडी खेड़ा के ग्रामीण युवाओं की एकता ने स्पष्ट कर दिया
अब यह तो आने वाला वक्त बताएगा कि प्रशासन, सेंट्रल कमेटी, मंत्रालय इस पर क्या संज्ञान लेता है क्या हिंदुस्तान जिंक को खाद प्लांट की पर्यावरणीय स्वीकृति मिलेगी प्रदूषण मुक्त वातावरण में शांति से अपना जीवन यापन कर पाएगा
हमने आसपास के ग्रामीण युवा एवं ग्रामीण महिलाओ से बात की देखिए ग्रामीणों का क्या कहना है जनसुनवाई के पहले व जनसुनवाई के बाद ग्रामीणों का क्या कहना है
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





