फालना पधारे जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी म. सा.
फालना,पाली
मरुधर रत्न जैन हिन्दी साहित्य दिवाकर जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सूरीश्वरजी म. सा. आदि ठाणा-5 गोडवाड की हृदय स्थली फालना नगर में पधारे। संयम जीवन के स्वर्णिम (50वें) वर्ष में मंगल प्रवेश की अनुमोदनार्थ गोडवाड के अनेक नगरों में संयम संवेदना के भक्ति संगीत के कार्यक्रम बडे हर्षोल्लास के साथ चल रहे है। आज फालना नगर के आराधना भवन हेतु प्रातः 9:00 बजे गाजे-बाजे के साथ स्टेट बैंक से भव्य प्रवेश हुआ। प्रातः 10:00 बजे आराधना भवन में धर्मसभा का आयोजन हुआ। संगीतकार छगनभाई गहलोत ने भक्ति संगीत प्रस्तुत किया। जालोर से पधारे तेजसिंह ने संयम संवेदना प्रस्तुत की। गुरुपूजन का चढावा अ. सौ. चन्द्राबेन अशोकजी पारेख ने लिया। कामली अर्पण का चढावा अ. सौ. विमलाबेन बाबुलालजी पुनमिया ने लिया। अंत में जैनाचार्य श्री का प्रेरणादायी प्रवचन हुआ। कार्यक्रम में लगभग 200 लोगों की उपस्थिति रही। सभी को छाते की प्रभावना मंजुला बाई बाबूलाल जी चौधरी परिवार की और दी गई । एवं सकल संघ का स्वामीवात्सल्य हुआ इस अवसर पर जैन संघ के अध्यक्ष महेंद्र धोका, सचिव संभव जैन, अशोक परमार,पारस बागरेचा,अंकित राठौड़,प्रवीण राठौड़,अमित मेहता,मनोज चौधरी,रमेश शाह,पंकज सोनीगरा,नरपत राठौड़,संजय सिरोया,पुनीत खाटेड,कपिल सोनीगरा,महेंद्र भंडारी,नरेंद्र बोहरा,उत्तम जैन,दिनेश पुनमिया,सुरेश सोलंकी,कैलाश पुनमिया,विमल चंद राठौड़ आदि जैन धर्म के लोग उपस्थित थे*
Author: Rainbow News Hindustan
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