सांवलियाजी,नरेन्द्र सेठिया
श्री सांवलिया सेठ के दरबार में कोटा के भामाशाह अनाज मंडी के तीन व्यापारियों ने अपनी कामना पूरी होने पर भगवान को चांदी से बनी भेंट चढ़ाई है।
लहसुन व्यापारी में डेढ़ किलो चांदी का लहसुन चढ़ाया है। वहीं अनाज व्यापारी ने तराजू – कांटा और बांसुरी भेंट की है।
सोयाबीन व्यापारी ने चांदी से बना मकान सांवलिया सेठ को भेंट किया।
ये व्यापारी बसों में अपने साथ श्रद्धालु लेकर मण्डफिया के सांवलिया सेठ पहुंचे थे।
सांवलियाजी- व्यापार बढ़ा तो चढ़ाया डेढ़ किलो चांदी का लहसुन, कोटा के लहसुन व्यापारी रवि मालपानी ने सांवलिया सेठ की कृपा से अपने व्यापार में जबरदस्त उन्नति होने पर डेढ़ किलो वजनी चांदी का बना लहसुन ठाकुर जी के चरणों में अर्पित किया। चांदी से बनी लहसुन की यह सुंदर प्रतिकृति देखने में बिल्कुल असली जैसी लगती है और इसकी कलाकारी हर किसी को आकर्षित कर रही है। रवि मालपानी का कहना है कि जब उन्होंने कारोबार की शुरुआत की थी, तब कई कठिनाइयां थीं, लेकिन सांवलिया सेठ पर विश्वास रखने से हालात बदलते चले गए। वे मानते हैं कि उनकी सफलता के असली हकदार भगवान ही हैं।
तराजू- कांटा और बांसुरी में झलकी आस्था…….आस्था की इस कड़ी में कोटा के अनाज व्यापारी लोकेश गौतम ने भी अपनी मन्नत पूरी होने पर प्रभु को चांदी का तराजू कांटा और बांसुरी अर्पित की। करीब 800 ग्राम वजनी यह तराजू-कांटा उनके व्यापार का प्रतीक माना जा रहा है। लोकेश गौतम का कहना है कि वे भगवान को अपना ‘बिजनेस पार्टनर’ मानते हैं और हर फैसले से पहले सांवलिया सेठ को याद करते हैं। पिछले तीन सालों से वे हर साल कोटा से श्रद्धालुओं का जत्था लेकर मंडफिया धाम पहुंचते हैं और पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना करते हैं।
सपनों का घर पूरा हुआ तो चढ़ाया चांदी का मकान…….. सोयाबीन व्यापारी पिंटू सुमन ने भी अपनी मनोकामना पूरी होने पर अनोखा चढ़ावा चढ़ाया। पिंटू ने भगवान से अपने घर का सपना पूरा होने की मन्नत मांगी थी। जब उनका यह सपना साकार हुआ, तो उन्होंने ठाकुर जी को करीब 300 ग्राम चांदी से बना छोटा सा मकान अर्पित किया। यह चांदी का मकान उनके विश्वास, मेहनत और भगवान के प्रति धन्यवाद का प्रतीक है। पिंटू सुमन का कहना है कि जीवन में जो कुछ भी उन्हें मिला है, वह सब सांवलिया सेठ की कृपा से ही संभव हो पाया है।
250 श्रद्धालुओं के साथ निकली भक्ति यात्रा…..लोकेश गौतम ने बताया कि 3 जनवरी को कोटा के खड़े गणेश मंदिर से करीब 250 श्रद्धालुओं के साथ दो बसों में मंडफिया के लिए रवाना हुए थे। यात्रा से पहले सांवलिया सेठ के ध्वज की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। बसों में भजन-कीर्तन होते रहे और श्रद्धालु पूरे रास्ते जयकारे लगाते रहे। यह यात्रा केवल दर्शन के लिए नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था और विश्वास को मजबूत करने का माध्यम बनी।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





