सीनियर महिला क्रिकेट खिलाड़ी को सेशन कोर्ट से बड़ा झटका गंभीर धाराओं में परिवीक्षा का लाभ देने का आदेश रद्द, केस फिर से चलेगा
रावतभाटा,नरेन्द्र सेठिया
अकोला ग्राम मुरला (तहसील कपासन, चित्तौड़गढ़) की सीनियर राजस्थान महिला क्रिकेट खिलाड़ी सुमित्रा जाट से जुड़े आपराधिक प्रकरण में सेशन न्यायालय बेंगू ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने एसीजेएम रावतभाटा द्वारा गंभीर धारा 452 आईपीसी में दिए गए परिवीक्षा लाभ के आदेश को विधि विरुद्ध मानते हुए खारिज कर दिया।
प्रकरण प्रेम प्रसंग से जुड़ा है, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से थाना रावतभाटा में FIR संख्या 171/21 व 172/21 दर्ज हुई थीं। सुमित्रा जाट के खिलाफ धारा 452, 323, 341, 504 आईपीसी में चालान पेश हुआ था, जबकि आशीष शर्मा के खिलाफ धारा 354, 354(घ) में प्रकरण दर्ज हुआ।
दिनांक 21 मार्च 2024 को सुमित्रा जाट ने अपने खिलाफ मामले में जुर्म कबूल कर लिया था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें मात्र 400 रुपये के अर्थदंड पर परिवीक्षा का लाभ दे दिया। इस आदेश के खिलाफ फरियादी आशीष शर्मा ने धारा 372 सीआरपीसी में अपील की।
सेशन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना परिवीक्षा अधिकारी की रिपोर्ट और कानूनी शर्तें पूरी किए लाभ देना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने निचली अदालत का आदेश निरस्त करते हुए सुमित्रा जाट को 20 जनवरी 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने तथा नए सिरे से साक्ष्य लेकर पुनः विचारण के निर्देश दिए।
कानूनी जानकारों के अनुसार, यह आदेश भविष्य के मामलों में एक नजीर माना जाएगा।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





