उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर संभाग स्तरीय आंदोलन के तहत बार एसोसिएशन धरियावद का धरना प्रदर्शन।
हेमंत सालवी धरियावद,प्रतापगढ़
मेवाड़ वागड़ हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति का गठन कई वर्ष पूर्व किया गया था। इसमें उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और सलूंबर जिले के अधिवक्ता विगत 44 वर्षों से लगातार सहयोग कर रहे हैं। बताया गया कि हाल ही में बीकानेर में वर्चुअल हाईकोर्ट बेंच की स्थापना का प्रस्ताव पास होने की सूचना है, किंतु उदयपुर में खंडपीठ की स्थापना को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। इसे मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के अधिवक्ताओं के साथ कुठाराघात बताया गया है।
धरियावद बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि दिनांक 19 सितंबर 2025 और 20 सितंबर 2025को समस्त अधिवक्ता न्यायालयों में अनुपस्थित रहकर आंदोलन में सहयोग करेंगे। अधिवक्ताओं का कहना है कि उदयपुर संभाग आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और यहां हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापित होने से आमजन को सस्ता और सुलभ न्याय मिल सकेगा।
प्रदर्शन में बार अध्यक्ष पुष्कर मेघवाल,सैयद मोहम्मद सरफराज, करण सिंह कोठारी, आशिक अली मंसूरी (उपाध्यक्ष), हरिसिंह कोठारी (महासचिव),चन्दुलाल परमार, केशुलाल मीणा, हरीश मेघवाल, मोहम्मद रफीक मंसूरी, महेशपुरी, मुन्नवर हुसैन मंसूरी, छत्रपाल सिंह राणावत, कमलेश नागौरी, से. मोहम्मद इरफान, मांगीलाल गायरी, राजन कोठारी, तपन कोठारी, संदीप मल्हारा, हितेंद्र सिंह राणावत, आशा मेघवाल, शांति कुमारी मीणा, शंकरलाल मीणा,ज्योति मेघवाल सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।
Author: Rainbow News Hindustan
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