हिंदी को आधुनिक स्वरुप देने में भारतेंदु की महती भूमिका -माली

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हिंदी को आधुनिक स्वरुप देने में भारतेंदु की महती भूमिका -माली
खिंवाडा,पाली।

भारतेंदु हरिश्चंद्र आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह थे।भाव,भाषा और शैली में नवीनता का समावेश कर हिंदी को आधुनिक स्वरुप देने में उनकी महती भूमिका रही।उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी विजय सिंह माली ने निकटवर्ती राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मगरतलाव में भारतेंदु हरिश्चंद्र जयंती पर व्यक्त किए।
माली ने कहा कि उनकी रचनाओं में समाज-सुधार,स्वदेशी व स्वाधीनता की प्रेरणा स्पष्ट रुप से दिखाई देती है।उन्होंने स्वभाषा को केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्रीय आत्मसम्मान और चेतना का आधार माना।उन्होंने भारतेंदु की रचनाओं भारत दुर्दशा व अंधेर नगरी का उल्लेख करते हुए शिक्षकों व विद्यार्थियों को भारतेंदु साहित्य पढ़ने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर संस्था प्रधान चंदन सिंह ने भारतेंदु के व्यक्तित्व कृतित्व तथा साहित्यिक अवदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर हेमराज मीन,विष्णु दत्त जोशी,अमराराम,राजेश कुमार,कुंदन मीणा व किशोर कुमार समेत समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।कार्यक्रम का संचालन कैलाश चंद्र ने किया।
उल्लेखनीय है कि भारतेंदु हरिश्चंद्र का जन्म 9सितंबर 1850को हुआ था।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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