श्रमिक संगठनों ने उठाई 11 सूत्रीय मांगें, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन।

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चित्तौडगढ से नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट

चित्तौड़गढ़ में श्रमिक संगठनों ने उठाई 11 सूत्रीय मांगें, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

चित्तौड़गढ़। केंद्रीय श्रम संयुक्त श्रम संगठन राजस्थान जिला चित्तौड़गढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों और महंगाई से आमजन पर बढ़ते बोझ को लेकर नाराजगी जताई गई।
श्रमिक संगठनों ने चार लेबर कोड वापस लेने और सभी श्रम कानून बहाल करने, बीबीजी राम जी रद्द करने, मनरेगा को पुनः बहाल कर 200 दिन का रोजगार देने तथा अमेरिका के साथ हुए डील को वापस लेने की मांग की।
इसके अलावा न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह लागू करने, आंगनबाड़ी, कार्यकर्ता, सहायिका, मिड-डे-मील वर्कर सहित सभी को न्यूनतम वेतन देकर श्रम विभाग के अंतर्गत नियुक्त करने की मांग रखी गई।
ज्ञापन में बिजली के निजीकरण पर रोक, कृषि उपज के लिए एमएसपी तय करने और सरकार द्वारा समय पर फसल खरीदने, वृद्धावस्था पेंशन को 4 हजार रुपये प्रतिमाह करने, सीमेंट उद्योग के श्रमिकों की ठेका प्रथा समाप्त करने तथा राज्य और केंद्र में रिक्त पदों पर शीघ्र स्थायी नियुक्तियां करने की मांग भी शामिल है।
श्रमिक संगठनों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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