हिन्द की चादर: श्रीगुरु तेगबहादुर जी ने धर्म के लिए शीश कटवाया, पर सिर नहीं झुकाया
अयोध्या: श्रीगुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी पर साकेतनिलयम, अयोध्या में सेवा समिति द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब की स्थापना, शबद कीर्तन और लंगर का आयोजन हुआ।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने कश्मीर के पंडितों के धर्म की रक्षा के लिए अपना शीश दे दिया, लेकिन धर्म नहीं छोड़ा। 24 नवम्बर 1675 को दिल्ली में चांदनी चौक में उनका शहीद होना और उनकी शहादत हिन्द की चादर कहलाने का कारण बनी।कार्यक्रम में महापौर गिरीश पति त्रिपाठी व संत-महंत, संघ प्रचारक, विधायक और विद्यार्थी शामिल हुए तथा सभी को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
Author: Rainbow News Hindustan
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