पाठ्य पुस्तकों का उपयोग कर पढ़ना -लिखना सिखाने में क्लस्टर कार्यशाला की सफलता निहित-माली

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पाठ्य पुस्तकों का उपयोग कर पढ़ना -लिखना सिखाने में क्लस्टर कार्यशाला की सफलता निहित -माली
देसूरी,पाली।

पाठ्य पुस्तकों का उपयोग कर पढ़ना -लिखना सिखाने में क्लस्टर कार्यशाला की सफलता निहित है अतः शिक्षक क्लस्टर कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान को कक्षा शिक्षण के दौरान क्रियान्वित करें ताकि बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी विजय सिंह माली ने स्थानीय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देसूरी में आयोजित तृतीय क्लस्टर स्तरीय कार्यशाला में व्यक्त किए।
माली ने कहा कि शिक्षक पाठ्य पुस्तक को पढ़ें, उसके लर्निंग आउटकम को जाने, उसके अनुसार टीएलएम तैयार कर एबीएल किट का प्रभावी उपयोग करते हुए पढ़ने लिखने के कौशलों पर सतत कार्य करें। उन्होंने संभागियो से आज की कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान को लेकर फीडबैक लिया व आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान प्रधानाचार्य जगदीश ने कार्यशाला की गतिविधियों की जानकारी दी तथा बताया कि संदर्भ व्यक्ति रमेश सी राणावत, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के अख़्तर हुसैन ने अलग-अलग सत्रों में हिंदी व गणित विषय में पाठ्य पुस्तकों के प्रभावी उपयोग करने से संबंधित गतिविधियां करवा कर उनकी क्षमता संवर्धन किया।
उल्लेखनीय है कि समग्र शिक्षा द्वारा शिक्षकों के क्षमता संवर्धन व अकादमिक संबलन हेतु वर्ष में चार बार कलस्टर कार्यशाला आयोजित की जाती है।यह तीसरी कार्यशाला है। देसूरी क्लस्टर कार्यशाला में ग्राम पंचायत देसूरी, घाणेराव व दूदापुरा के शिक्षकों ने भाग लिया।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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