गरीबी ने छीना इलाज का सहारा, डॉक्टर बना मसीहा: संध्या को मौत के मुंह से निकाल लाई मानवता।

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गरीबी ने छीना इलाज का सहारा, डॉक्टर बना मसीहा: संध्या को मौत के मुंह से निकाल लाई मानवता।

अयोध्या।कहते हैं कि जहां चाह होती है, वहां राह निकल ही आती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया अयोध्या के नियावां स्थित आनंद मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. आनंद गुप्ता ने। बस्ती जनपद के हरेवां क्षेत्र के बेलवा गांव निवासी संध्या की सांसें जब थमने को थीं, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, तब एक डॉक्टर ने फरिश्ते का रूप लेकर उसे जीवनदान दे दिया।
गंभीर रूप से बीमार संध्या कई जानलेवा बीमारियों से जूझ रही थी गुर्दा फेलियर, लिवर की खराबी, खून व प्लेटलेट्स की भारी कमी, और दिमागी बुखार ने उसकी हालत नाजुक बना दी थी। परिजन उसे कई अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन इलाज संभव न होने पर उसे लखनऊ के उच्च केंद्र के लिए रेफर कर दिया गया। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण संध्या का परिवार इलाज नहीं करा सका।थक-हार कर परिजन संध्या को आनंद मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां वह अचेत अवस्था में थी। डॉक्टरों ने भी स्थिति को गंभीर बताया, लेकिन जब डॉ. आनंद गुप्ता ने संध्या की स्थिति और परिवार की लाचारी देखी तो उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया संध्या का इलाज पूरी तरह निशुल्क किया जाएगा।
डॉ. गुप्ता की देखरेख में संध्या को आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया। सात दिनों तक वह जिंदगी और मौत से जूझती रही। पर कहते हैं, सच्ची नीयत और सेवा की भावना से किया गया काम रंग लाता है। इलाज के तीसरे दिन संध्या को होश आ गया और धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार होने लगा। आज वह पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रही है।
डॉ. आनंद गुप्ता की मानवीय पहल ने न केवल एक जान बचाई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि चिकित्सा सिर्फ व्यवसाय नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है।
डॉक्टर नहीं, भगवान हैं आप: संध्या
स्वस्थ होते ही संध्या ने डॉक्टर गुप्ता के पैर छुए और कहा, “मैंने आज धरती पर भगवान को देखा है। अगर भगवान कहीं हैं, तो आप हैं।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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