पूर्व विधायक ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रमाण सार्वजनिक करने की चुनौती दी।

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चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट

चित्तौड़गढ़ में चुनावी संग्राम तेज,जाड़ावत ने आक्या पर साधा निशाना;अजय राज सिंह प्रकरण भी उठाया

पूर्व विधायक ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रमाण सार्वजनिक करने की चुनौती दी; यूआईटी, सूरजपोल वैकल्पिक मार्ग, चंबल परियोजना, रिवर फ्रंट और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार पर सवाल

चित्तौड़गढ़। नगर परिषद चुनाव के बीच चित्तौड़गढ़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार शाम वृंदावन गार्डन में आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व राज्यमंत्री एवं पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या और भाजपा सरकार पर विकास कार्यों तथा विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान कराए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए वर्तमान सरकार के कार्यकाल की तुलना पूर्ववर्ती सरकार से की। प्रेसवार्ता में जाड़ावत ने अजय राज सिंह प्रकरण का भी जिक्र किया और विधायक आक्या को लेकर आरोप लगाए।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रमाण पेश करने की चुनौती

जाड़ावत ने कहा कि विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की ओर से लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि कथित भ्रष्टाचार किस कार्य या परियोजना में हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ अवैध संपत्ति या भ्रष्टाचार से संबंधित कोई प्रमाण सामने आता है तो वे अपनी संपत्ति देने तक को तैयार हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विकास परियोजनाओं की जानकारी पहले चुनिंदा लोगों तक पहुंची और बाद में संबंधित क्षेत्रों के आसपास जमीनों की खरीद-फरोख्त हुई। जाड़ावत ने ऐसे मामलों की जांच की मांग की।

अजय राज सिंह प्रकरण का भी किया उल्लेख

प्रेसवार्ता में जाड़ावत ने बजरी कारोबार और अजय राज सिंह प्रकरण का उल्लेख करते हुए विधायक आक्या पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अजय राज सिंह की बहन ने अपने भाई की हत्या के संबंध में विधायक चंद्रभान सिंह आक्या का नाम लिया है।

बजरी के दामों में बढ़ोतरी का आरोप

जाड़ावत ने बजरी परिवहन और कारोबार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि करीब 12 हजार रुपये का बजरी डंपर 25 हजार रुपये, चार हजार रुपये का ट्रैक्टर 8 से 9 हजार रुपये और 25 हजार रुपये की गाड़ी करीब 45 हजार रुपये तक में उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कीमतों में कथित बढ़ोतरी को लेकर सरकार और स्थानीय व्यवस्था की भूमिका पर सवाल उठाए।

तीन बार विधायक बनने के बाद विकास पर सवाल

जाड़ावत ने कहा कि जनता यह सवाल कर रही है कि तीन बार विधायक बनने के बाद चित्तौड़गढ़ को क्या मिला। उन्होंने भाजपा सरकार के करीब ढाई वर्ष के कार्यकाल में विकास कार्यों की गति धीमी पड़ने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यूआईटी के माध्यम से करीब 108 से 110 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए गए, जिनमें लगभग 55 से 60 करोड़ रुपये चित्तौड़गढ़ शहर में खर्च किए गए। इनमें सड़क, पुलिया, सामुदायिक भवन और अन्य विकास कार्य शामिल होने का उन्होंने दावा किया।

चौपाटी और गौराबादल स्टेडियम का मुद्दा उठाया

जाड़ावत ने कहा कि कांग्रेस बोर्ड के कार्यकाल में तैयार की गई चौपाटी को वर्तमान व्यवस्था शुरू नहीं कर पा रही है। गौराबादल स्टेडियम के निर्माण कार्य को लेकर उन्होंने कहा कि काम तकनीकी कारणों से रुका था और इसे कांग्रेस सरकार की विफलता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनकी और विधायक आक्या की राजनीतिक सोच में जमीन-आसमान का अंतर है।

सूरजपोल वैकल्पिक मार्ग को लेकर दावा

चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर बढ़ते यातायात दबाव और जाम की स्थिति का उल्लेख करते हुए जाड़ावत ने कहा कि इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सूरजपोल से नीचे जाने वाले वैकल्पिक मार्ग की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।

जाड़ावत ने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर छह माह के भीतर सूरजपोल वैकल्पिक मार्ग के काम को शुरू अथवा आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

रिवर फ्रंट और चंबल परियोजना पर सवाल

जाड़ावत ने करीब 40 करोड़ रुपये की प्रस्तावित रिवर फ्रंट परियोजना को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर में रिवर फ्रंट से पहले गंदे नालों और जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने परियोजना के लिए राज्य सरकार से पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं होने का भी दावा किया।

चंबल पेयजल परियोजना में कथित देरी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लगातार किए जा रहे वादों के बावजूद लोगों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है।

स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर भी निशाना

पूर्व विधायक ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय चित्तौड़गढ़ के सेटेलाइट अस्पताल में करीब 11 चिकित्सक सेवाएं दे रहे थे, जबकि वर्तमान में चिकित्सकों की संख्या कम है। उन्होंने स्वास्थ्य योजनाओं में उपचार की सीमा को लेकर भी सवाल उठाए।

शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कुछ जिलों में स्कूलों के बंद अथवा मर्ज किए जाने का आरोप लगाया और सरकार की नीतियों पर पुनर्विचार की मांग की।

सामाजिक कार्यों का किया उल्लेख

जाड़ावत ने कांग्रेस शासन के दौरान विभिन्न सामाजिक समुदायों से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि भील समाज को गांधीनगर में निशुल्क जमीन उपलब्ध कराई गई थी। वहीं, समाजों को भूमि आवंटन के लिए शुल्क में कथित बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर पहले कम राशि देनी पड़ती थी, वहां अब अधिक शुल्क लिया जा रहा है।

कोरोना काल में रेमडेसिविर उपलब्ध कराने का दावा

कोरोना संक्रमण के दौर का उल्लेख करते हुए जाड़ावत ने कहा कि चित्तौड़गढ़ के लोगों को रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए उनकी ओर से प्रयास किए गए थे। उन्होंने इसे अपने कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया।

कांग्रेस की जीत का जताया भरोसा

नगर परिषद चुनाव को लेकर जाड़ावत ने कांग्रेस की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस बार 35 जेन जी प्रत्याशियों को टिकट दिए हैं। उन्होंने पिछले नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस की ओर से सभी 60 वार्ड जीतने के दावे का उल्लेख करते हुए कहा कि वास्तविक परिणाम में कांग्रेस को 36 वार्ड मिले थे।

उन्होंने कहा कि इस बार भी चुनाव परिणाम राजनीतिक दावों से अलग तस्वीर पेश कर सकते हैं और अंतिम फैसला मतदाता करेंगे।

बिहारी ब्रजकिशोर साहू के मामले में दी सफाई

कांग्रेस प्रत्याशी बिहारी ब्रजकिशोर साहू से जुड़े आपराधिक प्रकरण के संबंध में पूछे गए सवाल पर जाड़ावत ने कहा कि वे समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। उन्होंने दावा किया कि मामला पति-पत्नी के विवाद से जुड़ा है और कॉलेज के पुराने परिचय के कारण ब्रजकिशोर साहू का नाम प्रकरण में आया।

इस मामले से जुड़े आरोपों और जाड़ावत के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों तथा अन्य पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

कहा—जनता के आशीर्वाद से बनेगा बोर्ड

प्रेसवार्ता के समापन पर जाड़ावत ने कहा कि नगर परिषद चुनाव में अंतिम निर्णय जनता का होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव भय या दबाव के बजाय जनता का विश्वास जीतकर लड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मतदाता विकास और स्थानीय मुद्दों के आधार पर अपना निर्णय करेंगे तथा “जनता जिसे आशीर्वाद देगी, वही पार्टी नगर परिषद में बोर्ड बनाएगी।”

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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