चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया की रिपोर्ट।
देश में चिकित्सा सुविधाओं की बातें तो आप रोज ही सुनते हैं लेकिन अगर धरती के भगवान यानि डाक्टर ही नहीं हो तो सोचो वहा अस्पताल में का कैसा हाल होगा | आज हम आपको कुछ एसे ही हालात से जुडी औरी जमीनी हकीकत बताने जा रहें हैं | तीन विधानसभा में वह तीन-तीन विधायक होने के कारण भदेसर राजकीय सामुदायिक हॉस्पिटल अकेले एक डॉक्टर के भरोसे हॉस्पिटल चल रहा है
| खबर चित्तौड़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र मैं राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर करोड़ों रुपए की लागत से बना हॉस्पिटल जिसमें इस हॉस्पिटल सभी सुविधा उपलब्ध होने के कारण एक डॉक्टर के भरोसे हॉस्पिटल चल रहा है जबकि राज्य सरकार द्वारा राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोलकर वहां पर पांच डॉक्टरों की पोस्ट होने के कारण एक डॉक्टर के भरोसे हॉस्पिटल चल रहा है अभी मौसमी बीमारियों के कारण अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी संख्या में पहुंच रही है जबकि इस अस्पताल में सरकार की तरफ से अच्छी खासी सुविधा उपलब्ध करा रखी है फिर भी यह उपखंड क्षेत्र में तीन विधानसभा में तीन विधायक का इलाका लगता है फिर भी एक डॉक्टर के भरोसे हॉस्पिटल चल रहा है जबकि डबल इंजन की सरकार होने के कारण अस्पताल में डॉक्टरों की कमी देखने को मिली जबकि इसी विधानसभा क्षेत्र मैं चित्तौड़गढ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या दूसरा विधायक अर्जुन लाल जीनगर तीसरी विधानसभा गौतम डाट राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सहकारिता विभाग के मंत्री की विधानसभा लगती है जबकि राजस्थान सरकार भजन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार में अस्पतालों के यह हालत देखने को मिल रहा है जबकि लोकसभा क्षेत्र के सांसद सीपी जोशी इसी क्षेत्र से आते हैं भाजपा जिला अध्यक्ष रतन गाडरी इसी विधानसभा क्षेत्र से प्रतिनिधि करते हैं परंतु यहां के अच्छे माने जाने वाले जनप्रतिनिधि होने के नाते भी और भाजपा की सरकार में अस्पतालों के हालात देखने को मिल रहे हैं परंतु सरकार के कामों से सरकार को फुर्सत नहीं इनको भी पता है कि हम पुणे वापस नहीं आएंगे इसलिए सरकारी डिपार्टमेंट के यही हालत जनता को भुगतने को मजबूर होना पड़ रहा है जबकि किसी क्षेत्र के अंदर ग्राम न्यायालय उपखंड कार्यालय पंचायत समिति ब्लॉक सेमी चोबी का ऑफिस भी यहीं पर है वह सभी विभाग के दफ्तर इस भदेसर उपखंड क्षेत्र में आते हैं जबकि हमने ग्राउंड लेवल की रिपोर्टिंग कर अस्पताल के हालात देखे थे जहां पर मरीजों से भी हमारी बातचीत भी हुई है इस अस्पतालों में गाजर घास भी फैला हुआ दिखाई दिया इस अस्पतालों में मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है जब अस्पताल परिसर में हमने डॉक्टर मुकेश कुमावत से इस मामले में चर्चा की गई उन्होंने ही बताया कि या पांच डॉक्टरों की पोस्ट है परंतु यहां पर मैं एक डॉक्टर ही काम कर रहा हूंअस्पताल करोड़ों का, पर डॉक्टर सिर्फ एक: भदेसर CHC में स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे
तीन-तीन विधायकों और मंत्री के प्रभाव वाले उपखंड में मरीज परेशान, 5 स्वीकृत पदों के मुकाबले तैनात हैं अकेले डॉ. मुकेश कुमावत
विशेष रिपोर्ट | भदेसर (चित्तौड़गढ़)
देश और प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के चाहे जितने भी दावे किए जाएं, लेकिन धरातल पर कड़वी सच्चाई कुछ और ही बयां करती है। चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड मुख्यालय स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) इसका जीवंत उदाहरण है। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस सर्वसुविधायुक्त अस्पताल भवन में बुनियादी ढांचा तो मजबूत है, लेकिन मरीजों का इलाज करने वाले ‘धरती के भगवान’ यानी डॉक्टरों का ही अकाल पड़ा हुआ है।
5 में से 4 पद खाली, मौसमी बीमारियों से हाहाकार
भदेसर सीएचसी में राज्य सरकार के नियमानुसार 5 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में यह पूरा अस्पताल अकेले एक डॉक्टर के भरोसे संचालित हो रहा है। इन दिनों मौसमी बीमारियों के प्रकोप के कारण ओपीडी (OPD) में हर दिन सैकड़ों मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। इलाज और परामर्श के लिए मरीजों को घंटों लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ रहा है।
अस्पताल परिसर में बातचीत के दौरान प्रभारी डॉक्टर मुकेश कुमावत ने जमीनी हकीकत स्वीकार करते हुए बताया कि अस्पताल में कुल 5 डॉक्टरों की पोस्ट स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में वे अकेले ही सभी मरीजों की देखभाल और प्रशासनिक व्यवस्थाएं संभालने को मजबूर हैं।
📌 राजनीतिक रसूख पर उठते सवाल
स्थानीय ग्रामीणों और मरीजों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि भदेसर उपखंड क्षेत्र तीन-तीन विधानसभा क्षेत्रों के प्रभाव में आता है। यहाँ:
चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या,
कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर, और
निम्बाहेड़ा विधायक व राजस्थान सरकार के सहकारिता कैबिनेट मंत्री गौतम दक का राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र लगता है।
इसके अलावा, चित्तौड़गढ़ क्षेत्र के सांसद सीपी जोशी और भाजपा जिलाध्यक्ष रतन गाडरी भी इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उपखंड कार्यालय, ग्राम न्यायालय, पंचायत समिति और ब्लॉक स्तरीय प्रमुख प्रशासनिक दफ्तर यहीं स्थित होने के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र की यह अनदेखी प्रशासनिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर बड़े सवाल खड़े करती है।
परिसर में गाजर घास का साम्राज्य, रखरखाव का अभाव
ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में भारी खामियां देखने को मिलीं। भवन की उचित देखभाल न होने के कारण परिसर में चारों तरफ गाजर घास और झाड़ियां उगी हुई हैं, जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
जनता की व्यथा:
अस्पताल आए ग्रामीणों का कहना है कि सरकारें बदलने और बड़े-बड़े प्रशासनिक दावों के बावजूद आम जनता को बुनियादी इलाज के लिए तरसना पड़ रहा है। यदि जल्द ही रिक्त पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई, तो क्षेत्रवासियों को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। भदेसर ब्लॉक सीमीचों देवेंद्र कुमार आडियो की बाईट भदेसर राधेशायम भटट की बाईट
Author: Rainbow News Hindustan
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