चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया कपासन
*विहाररत जैन संतों की सुरक्षा को लेकर जैन समाज में आक्रोश, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति की मांग, नगर में मोन जुलुस निकाल कर तुमको ज्ञापन सोप कर*
आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई।
*कपासन*
विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सकल जैन समाज कपासन ने मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने तथा राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने की मांग की है। ज्ञापन में हाल ही में आर्यिका माताजी के साथ हुई दुखद घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए, मौन जुलुस निकाला गया, जुलूस अम्बेश भवन से से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गो से होता हुआ नगर पालिका कार्यालय पहुंचा, जहां प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर इसकी निष्पक्षव उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई गई।
जैन समाज ने ज्ञापन में कहा कि विहाररत जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज में शांति, संयम और अहिंसा का संदेश देते हैं। ऐसे संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाएं और हमले पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण केवल सड़क हादसा नहीं बल्कि उपलब्ध तथ्यों और वीडियो क्लिप के आधार पर सुनियोजित षड्यंत्र प्रतीत होता है। समाज ने मामले की एसआईटी अथवा न्यायिक जांच कराने, सीसीटीवी एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
इसके साथ ही जैन समाज ने विहार मार्गों पर संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक लगाने तथा हाईवे क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की मांग रखी।
ज्ञापन में भारत सरकार एवं राज्य सरकार से पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय गाइडलाइन और सुरक्षा एसओपी तैयार करने की भी मांग की गई। साथ ही संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में शामिल करने तथा स्थानीय स्तर पर “संत सुरक्षा कोऑर्डिनेशन सेल” गठित कर आपातकालीन संपर्क व्यवस्था शुरू करने की आवश्यकता जताई गई।
सकल जैन समाज ने कहा कि समाज सदैव शांति, अहिंसा और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से यह मांग उठाई गई है।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





