दल बदलकर ज्ञान देने वाले गौरव वल्लभ पहले अपना राजनीतिक चरित्र देखें।

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चितौडगढ,नरेन्द्र सेठिया
दल बदलकर ज्ञान देने वाले गौरव वल्लभ पहले अपना राजनीतिक चरित्र देखें।

डोटासरा जननेता हैं, पर्ची वाले नेता नहीं — डॉ. ललित बोरीवाल

प्रदेश कांग्रेस सचिव डॉ. ललित बोरीवाल ने प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य एवं भाजपा नेता प्रोफेसर गौरव वल्लभ के बयानों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की विचारधारा पर सवाल उठाने से पहले गौरव वल्लभ को अपना राजनीतिक अतीत देख लेना चाहिए। जो व्यक्ति कल तक कांग्रेस की नीतियों का गुणगान करता था, वही आज भाजपा में जाकर कांग्रेस को “गंगोत्री से गंगा सागर तक शून्य” बताने की भाषा बोल रहा है। आखिर उनके सिद्धांत कहां गए?

डॉ. बोरीवाल ने कहा कि राजनीति कोई शेयर बाजार नहीं है कि जहां फायदा दिखा, वहां दल बदल लिया जाए। गौरव वल्लभ ने कांग्रेस से टिकट लेकर उदयपुर से चुनाव लड़ा, जबकि उस क्षेत्र से उनका कोई सामाजिक या राजनीतिक जुड़ाव नहीं था। दूसरों का हक मारकर टिकट तो ले गए, लेकिन जनता का विश्वास नहीं जीत पाए और हार के बाद भाजपा का दामन थाम लिया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर बयानबाजी करने वाले गौरव वल्लभ पहले यह बताएं कि वे प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार हैं या भाजपा के राजनीतिक प्रवक्ता? देश की राजनीति को अवसरवाद और दल-बदल की संस्कृति तक पहुंचाने में ऐसे नेताओं की बड़ी भूमिका रही है।

“डोटासरा को समझने के लिए जमीन पर संघर्ष करना पड़ता है”

डॉ. बोरीवाल ने कहा कि डोटासरा जी पर पीएसडी, गमछा नृत्य और अनर्गल बयानबाजी के नाम पर टिप्पणी करने वाले गौरव वल्लभ को पहले विधानसभा की कार्यवाही और जनता के बीच डोटासरा जी की पकड़ देखनी चाहिए। डोटासरा कोई “पर्ची वाले नेता” नहीं हैं, बल्कि जमीन से निकले हुए जननेता हैं, जो लगातार अपने क्षेत्र से जीत हासिल करते आए हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा के कई नेता केवल प्रचार और मैनेजमेंट की राजनीति करते हैं, जबकि डोटासरा जी जनता के मुद्दों पर खुलकर, सीधे और टू द प्वाइंट बात करते हैं। वे विकास के नाम पर झूठा प्रचार नहीं करते, बल्कि किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और आम जनता की आवाज मजबूती से उठाते हैं।

“जन्मदिन पर सवाल उठाने वाले पहले खुद का राजनीतिक भूगोल बताएं”

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मुंबई में जन्मदिन मनाने पर सवाल उठाने वाले गौरव वल्लभ पर पलटवार करते हुए डॉ. बोरीवाल ने कहा कि प्रोफेसर साहब पहले यह बताएं कि वे मूल रूप से कहां के निवासी हैं और चुनाव कहां से लड़ने पहुंचे थे। जन्मदिन बाहर जाकर मनाना कोई मुद्दा नहीं है, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए बाहरी जमीन तलाशना जरूर जनता समझती है।

उन्होंने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले गौरव वल्लभ को आत्ममंथन करना चाहिए। कांग्रेस पर टिप्पणी करने से पहले उन्हें यह याद रखना चाहिए कि जिस पार्टी ने उन्हें पहचान दी, आज उसी के खिलाफ बयान देकर वे केवल अपनी राजनीतिक अवसरवादिता उजागर कर रहे हैं।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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