महंत बलराम शरण महाराज की 18वीं पुण्यतिथि पर संतों का समागम, श्रद्धा से किया गया स्मरण।
* रंग महल में श्रद्धांजलि अर्पित, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
अयोध्या।
रामनगरी अयोध्या के ऐतिहासिक रंग महल में पूर्वाचार्य महंत बलराम शरण महाराज की 18वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अयोध्या के संतों और महंतों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके कृतित्व को स्मरण किया।
मंदिर के वर्तमान महंत राम शरण दास जी महाराज ने अतिथियों का परंपरागत स्वागत करते हुए पीठ की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि रंग महल का संबंध भगवान श्रीराम और रामायण काल से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है उन्होंने बताया कि माता कौशल्या ने यह महल श्रीसीता सहित चारों महारानियों को मुंह दिखाई में प्रदान किया था। साथ ही वर्तमान भवन की स्थापना पूज्य स्वामी सरयू शरण जी महाराज ने लगभग 350 वर्ष पूर्व की थी, जिनकी परंपरा आज भी जीवंत है कार्यक्रम में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि महंत बलराम शरण महाराज श्रीहनुमान के परम भक्त थे और उन्होंने जीवन भर साधु, गो और संत सेवा को समर्पित किया। रंग महल की परंपराओं के संरक्षण और विकास में उनका विशेष योगदान रहा है संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज ने कहा कि रंग महल सदैव से भगवान श्रीराम की रसिक उपासना का प्रमुख केंद्र रहा है इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महंत और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मणिरामदास छावनी, तुलसी छावनी, लक्ष्मण किला सहित विभिन्न पीठों के महंतों और जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता कर श्रद्धांजलि अर्पित की कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथियों का स्वागत पुजारी साकेत दास, राहुल दास और छोटू भैया रंग महल द्वारा किया गया।
Author: Rainbow News Hindustan
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