धर्मनगरी अयोध्या में बही भागवत भक्ति की धारा।

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धर्मनगरी अयोध्या में बही भागवत भक्ति की धारा, सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य एवं ऐतिहासिक समापन

अयोध्या।
भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या एक बार पुनः भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के अनुपम संगम की साक्षी बनी, जब गीता भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट वृंदावन के पावन तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्री श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आज विधिवत, श्रद्धापूर्वक एवं अत्यंत भव्य समापन संपन्न हुआ। पूरे कथा काल में नगर का वातावरण हरि नाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और जयकारों से गुंजायमान रहा।
इस सात दिवसीय कथा के दौरान कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी महाराज ने श्रीमद् भागवत महापुराण के दिव्य प्रसंगों का भावपूर्ण एवं सरल भाषा में रसपूर्ण विवेचन किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रासलीला, गोवर्धन पूजा, भक्त प्रह्लाद, ध्रुव चरित्र, परीक्षित मोक्ष एवं भक्ति मार्ग की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर कई बार अश्रुपूरित नेत्रों से भक्ति रस में डूबते दिखाई दिए।
कथा में श्री तेजस्वी दास जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को दिशा देने वाला अमृत ग्रंथ है, जो अहंकार, द्वेष और मोह से मुक्ति दिलाकर भक्ति, सेवा और प्रेम के मार्ग पर अग्रसर करता है। उन्होंने समाज में नैतिक मूल्यों, परिवारिक संस्कारों और सनातन परंपरा को सुदृढ़ करने का संदेश भी दिया।
इस पावन आयोजन में उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। प्रतिदिन कथा स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती रही। भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत हरिनाम संकीर्तन ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में गीता भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट वृंदावन के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही। विशेष रूप से शालावासिनी दासी, ऋषभ गर्ग, कविता बंसल, अंजू बंसल एवं कविता मालिक ने व्यवस्थाओं, सेवा कार्यों एवं आयोजन संचालन में सराहनीय योगदान दिया।
कथा समापन के अवसर पर विधिवत हवन-पूजन, श्रीमद् भागवत जी की आरती एवं विशाल प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने कथा आयोजन के लिए ट्रस्ट एवं कथा व्यास के प्रति आस्था एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में धर्म, भक्ति, सद्भाव, नैतिकता और संस्कारों के प्रचार-प्रसार का कार्य निरंतर जारी रखा जाएगा।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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