ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल अनिश्चितकालीन धरने में बदली।
हजारों चालक सड़कों पर, संत–महंतों व समाजसेवियों का मिला समर्थन।
अयोध्या धाम।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या में मोहल्ला प्रमोद वन में चल रही ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल ने नया मोड़ ले लिया है। कृष्णानंद फाउंडेशन ई-रिक्शा यूनियन व श्री अयोध्या जी ई-रिक्शा कल्याण सेवा समिति के आह्वान पर हड़ताल को अब अनिश्चितकालीन धरने में परिवर्तित कर दिया गया है। जिला अध्यक्ष विकास सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों पदाधिकारी व सदस्य अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर डटे हुए हैं।
हड़ताल के चलते बाहर से आने वाले पर्यटकों, यात्रियों व श्रद्धालुओं को हो रही असुविधा को देखते हुए स्थानीय संत–महंतों, गृहस्थों व समाजसेवियों ने धरने पर बैठे ई-रिक्शा चालकों को पूर्ण समर्थन दिया है। कई बार स्थानीय प्रशासन से वार्ता सफल न होने के कारण आंदोलन को तेज किया गया है।
कृष्णानंद फाउंडेशन ई-रिक्शा यूनियन के संस्थापक मुकुंद माधव त्रिपाठी ने प्रेस प्रतिनिधियों से बातचीत में कहा कि स्थानीय प्रशासन ई-रिक्शा चालकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी अयोध्यावासी हैं और यहीं के मतदाता हैं। रामराज्य की स्थापना के लिए पार्षद से लेकर प्रधानमंत्री तक का चुनाव किया, लेकिन अब हमारी रोजी-रोटी छीनी जा रही है। चुनाव से पहले ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करने वाली सरकार आज अपनों की उपेक्षा कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय कथावाचक जया किशोरी रामायणी ने कहा कि ई-रिक्शा चालक मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन जिला प्रशासन की मनमानी व दूरदर्शिता की कमी के कारण हजारों हिंदू परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्थानीय मेयर, विधायक व युवा प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की कि बैठक कर शीघ्र समस्या का समाधान कराया जाए, अन्यथा इसका असर वर्ष 2027 के चुनाव में देखने को मिलेगा।
नारी शक्ति सेवा की अध्यक्ष गुड़िया त्रिपाठी ने कहा कि अधिकांश ई-रिक्शा चालक बैंकों से लोन लेकर ई-रिक्शा खरीदते हैं, जिससे उनके परिवार की शिक्षा, दवा व दैनिक जरूरतें पूरी होती हैं। राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक इन चालकों ने श्रद्धालुओं की सेवा पूरे सम्मान के साथ की। अब स्थानीय प्रशासन बाहरी लोगों को ठेका देकर गोल्फ कार्ट वाहन चलाने की छूट दे रहा है और मनमाना किराया वसूला जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो नगर के साधु-संत, गृहस्थ महिलाएं व समाज के सभी वर्ग आंदोलन में शामिल होंगे। समस्या के निराकरण तक अनशन जारी रहेगा।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





