हमें संतो की वाणी महापुरुषों की वाणी को सुनना चाहिए।

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हमें संतो की वाणी महापुरुषों की वाणी को सुनना चाहिए

चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया
भादसोड़ा कस्बें में आदमी जीवन को भोग विलास से हटकर त्याग और समर्पण के साथ जीवन जिए तो जीवन उन्नति की ओर बढ़ेगा समर्पण के बिना कुछ भी नहीं किसी भी क्षेत्र में मानव को विकास करना है तो समर्पण करना अनिवार्य होगा महान पुरुषों का शब्दों से बखान नहीं किया जा सकता उनके जीवन को अंगीकार करना भी होता है। विशेष दृष्टि की आवश्यकता होती है और भोग विलास में लिप्त होने के कारण हम वह सब प्राप्त नहीं कर सकते जो समर्पण से किया जा सकता है। स्थिर होकर के एकाग्रचित होकर के हमें संतो की वाणी महापुरुषों की वाणी को सुनना चाहिए या उनके उपदेशों को एकाग्रचित होकर के पढ़ना चाहिए हमारी दिनचर्या क्या है हमारे जीवन की भूमिका क्या है इस पर भी हमारा फोकस होना नितांत आवश्यक है। जो जितना प्राप्त करना चाहता है उतना ही उसको एकाग्र होना पड़ेगा। मनुष्य जीवन पुण्य कर्मों से प्राप्त होता है और हमें पुण्य कर्मों का संचय करता रहना चाहिए पूर्ण कर्मों के समाप्ति के बाद मनुष्य को कई योनियों में जीवन जीना पड़ता है। प्रत्येक जैन बंधु को प्रतिक्रमण स्वाध्याय अवश्य करना चाहिए दृष्टि बदलो तो सृष्टि बदलेगी संसार की विषमता जड़ वादी से उत्पन्न होती है। किसी भी गीत को या भजन को या संगीत को गाने और उसे जीने में बहुत अंतर होता है। अपनी संतान को विरासत में धन संपदा प्रॉपर्टी कीर्ति शिक्षा मकान बंगले गाड़ियां सब दे रहा है। पर मानव ने कभी यह सोचा कि वह अपनी संतान को क्या दे रहा है उसके आत्म कल्याण के लिए क्या दे रहा है इस पर भी विचार करना चाहिए। प्रत्येक मानव मात्र को प्रातः काल में गुरु वंदना अवश्य करनी चाहिए गुरु निस्वार्थ होते हैं गुरु जीवन की नैया को पर लगाते हैं गुरु के समर्पण से व्यक्ति को बल मिलता है और जीवन जीने की शिक्षा भी मिलती है। यह विचार भादसोड़ा कस्बे के जैन स्थानक में शनिवार को श्रमण संघीय मेवाड़ उप प्रवर्तक आदि ठाणा दो कोमल मुनि ने अपने प्रवचन के दौरान कहें। जैन संत कोमल मुनि के भादसोड़ा में दो दिवसीय वास के दौरान भादसोड़ा बानसेन सुरपुर मंगलवाड संगेसरा और सांवलिया जी से तपस्या और उपवास किए गए सभी को मांगलिक प्रदान की गई। इस अवसर पर जैन संत हर्षित मुनि ने मनुष्य को अपने मन पर नियंत्रण रखने के बारे में विस्तार से बताया। संचालन रमेश चंडालिया ने किया। धर्म सभा में शोभा लाल सांखला सुरेश चंद्र आचार्य दिलीप पोखरना सुरेश चंडालिया आदि ने भक्ति भावना प्रस्तुत की।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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