कलस्टर कार्यशाला में सीखे गए ज्ञान का विषय शिक्षण में उपयोग करें -माली
धनला,पाली।
कलस्टर कार्यशाला में सीखे गए ज्ञान का विषय शिक्षण में उपयोग करने में कलस्टर कार्यशाला की सार्थकता है अतः हमें अच्छी तरह से कार्यशाला में सीखना है। उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिह माली ने निकटवर्ती राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पनोता व बागोल में कलस्टर कार्यशाला में व्यक्त किए।
माली ने कहा कि यह कार्यशाला शिक्षकों को अकादमिक संबलन देते हुए क्षमता संवर्धन करेगी। सरस्वती पूजन से प्रारंभ हुए उद्घाटन सत्र में सर्वप्रथम दक्ष प्रशिक्षक पाबू सिंह व शैतान सिंह ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखी व कार्यशाला में की जाने वाली गतिविधियों पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात अलग-अलग सत्रों में दक्ष प्रशिक्षक पाबू सिंह ने पनोता व शैतान सिंह ने बागोल में गणित व अंग्रेजी विषय में निपुण भारत व बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कक्षाओं में शिक्षण के दौरान की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी।संभागी शिक्षकों ने भी अपने विद्यालय में किए गए नवाचारों से अवगत कराया। संस्था प्रधान पनोता घीसाराम चौधरी व संस्था प्रधान बागोल गणपतसिंह सोलंकी के निर्देशन में विद्यालय स्टाफ ने कार्यशाला की व्यवस्था संभाली।
उल्लेखनीय है कि शिक्षकों के क्षमता संवर्धन हेतु वर्ष में चार कलस्टर कार्यशाला आयोजित की जाती है।यह इस सत्र की चौथी व अंतिम कार्यशाला है।पनोता कार्यशाला में पनोता,सांसरी, मगरतलाव व कोट सोलकियान पंचायत क्षेत्र व बागोल कार्यशाला मेंसुमेर ,केसूली, डायलाना,बागोल पंचायत क्षेत्र के शिक्षक भाग ले रहे हैं
Author: Rainbow News Hindustan
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