हनुमानगढ़ी के महंत महेश योगी को ज़िंदा जलाने की साज़िश हुई नाकाम,आधी रात कमरे में लगाई आग हत्या का गंभीर आरोप।
महंत महेश योगी ने पुलिस-प्रशासन से इस पूरे षड्यंत्र की निष्पक्ष जाँच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की कि मांग।
अयोध्या धाम l अयोध्या स्थित गोविंदगढ़ हनुमानगढ़ी आश्रम में बुधवार, 4 दिसंबर 2025 की देर रात (लगभग 2:45 बजे) एक सनसनीखेज़ और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई। आश्रम के महंत, महेश दास उर्फ स्वामी महेश योगी, को जान से मारने की एक सोची-समझी साज़िश का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात षड्यंत्रकारियों ने महंत के कमरे की पिछली खिड़की काटकर उन्हें ज़िंदा जलाने की कोशिश की। यह वारदात तब हुई जब स्वामी महेश योगी अपने कमरे में सो रहे थे। खिड़की काटकर घुसने का प्रयास, विफल होने पर लगाई आग स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने पहले महंत के कमरे के पीछे की खिड़की को सावधानीपूर्वक काटा। आशंका जताई जा रही है कि उनका इरादा महंत पर सीधे हमला करने का था। कमरे के अंदरूनी हिस्से में घुसने या महंत पर हमला करने में विफल रहने पर, षड्यंत्रकारियों ने उनके कमरे में आग लगा दी। महंत स्वामी महेश योगी ने कहा इस घटना को अपनी हत्या करने की एक सोची-समझी साज़िश करार दिया है। महेश योगी ने कहा यह सिर्फ़ आग लगने की घटना नहीं है, यह मेरी जान लेने की नीयत से किया गया है। हमलावर खिड़की काटकर अंदर घुसने की फिराक में थे। जब वे असफल हुए, तो उन्होंने मुझे ज़िंदा जलाने की कोशिश की। अगर मैं सही समय पर नहीं जागता और आश्रम के लोग मदद के लिए नहीं आते, तो आज एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। मैं पुलिस-प्रशासन से इस पूरे षड्यंत्र की निष्पक्ष जाँच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग करता हूँ।”
स्थानीय निवासियों ने तत्परता से आग पर पाया काबू गनीमत रही कि महंत महेश योगी समय पर जाग गए और आग का पता चला। स्थानीय निवासियों और अन्य आश्रम वासियों ने तत्परता दिखाते हुए फौरन आग पर काबू पा लिया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में स्वामी महेश योगी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है, लेकिन उनके कमरे और सामान को भारी नुकसान पहुँचा है।
Author: Rainbow News Hindustan
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