कूट रचना कर धोखाधड़ी करने के मामले में
पोटला के पूर्व सरपंच कालूलाल जाट उसके पुत्र सत्यनारायण जाट व एक अन्य के विरूद्ध न्यायालय ने लिया प्रसंज्ञान।
चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया
न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, मण्डफिया (जिला चित्तौड़गढ़) ने पूर्व सरपंच सहित तीन अभियुक्तों, कंचन देवी, कालूलाल, और सत्यनारायण के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों पर संज्ञान लेते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है। परिवादी चांद मोहम्मद उर्फ चांदू खां ने आरोप लगाया था कि अभियुक्तों ने उसकी 5 बीघा कृषि भूमि को हड़पने के लिए विक्रय अनुबंध पत्र में खाली जगह छोड़कर उसे भरा, और ₹500/- के स्टाम्प को उसकी खरीद दिनांक (23.01.2020) से पहले ही नोटरी से प्रमाणित (22.01.2020) करवा लिया। कोर्ट ने पाया कि अभियुक्तगण द्वारा विक्रय विलेख बिना किसी प्रतिफल (भुगतान) के, परिवादी को डरा-धमकाकर छल से निष्पादित करवाया गया है। पुलिस द्वारा पेश किए गए अंतिम प्रतिवेदन को अस्वीकार करते हुए, न्यायालय ने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420, 467, 468, 406 और 120बी के तहत अपराधों का प्रथमदृष्टया बनना मानते हुए अभियुक्तों का विचारण शुरू करने का आदेश दिया है।
बता दे कि न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करने के बाद मंडफिया थानाधिकारी द्वारा पूर्व सरपंच को हिरासत में ले लिया था परंतु राजनीतिक दबाव के चलते अभियुक्त कालूलाल को थानाधिकारी द्वारा 6 घंटे हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया गया
प्रार्थी की ओर से प्रभावी पैरवी अधिवक्ता उमेश आगार द्वारा की गई |
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





