मेजर शैतानसिंह पर हर भारतीय को गर्व -माली
नाडोल,पाली।
परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतानसिंह पर हर भारतीय को गर्व है। मेजर शैतानसिंह ने अप्रतिम शौर्य का प्रदर्शन करते हुए चीनी आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब दिया और देश की सीमा की रक्षा करते हुए अपना बलिदान दिया। उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिह माली ने स्थानीय राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नं1 में मेजर शैतानसिंह जयंती पर प्रार्थना सभा में व्यक्त किए।
माली ने 1962के भारत चीन युद्ध का वर्णन करते हुए 18नवंबर 1962को लद्दाख क्षेत्र के रेजलांग में मेजर शैतानसिंह द्वारा प्रदर्शित शौर्य की गाथा को सुनाया और कहा कि देश की सीमाएं मां के वस्त्रों की तरह होती है जिसकी रक्षा करना प्रत्येक पुत्र पुत्री का कर्तव्य होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेजर शैतानसिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र प्रथम के भाव को अपनाने को कहा।शिक्षक फतेहसिंह चारण ने मेजर शैतानसिंह के जीवन पर आधारित कवि कानदान कल्पित की राजस्थानी रचना ‘मुरधर रो मोती ‘सुनाकर सबको भावविभोर कर दिया। संस्था प्रधान सुमेरसिंह राजपुरोहित ने मेज़र शैतानसिंह के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इससे पहले स्थानीय बालक बालिकाओं ने वाद्य यंत्रों के साथ प्रभावी प्रार्थना सभा का कार्यक्रम किया जिसे एसीबीईओ माली ने भी सराहा। इस अवसर पर कूपाराम,मुखराम देवंदा,पुरण कुमारी व सुल्ताना बानों सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
उल्लेखनीय है कि मेजर शैतानसिंह का जन्म 1दिसंबर 1924को राजस्थान राज्य के बानासर गांव में हुआ था।वे दूसरे राजस्थानी थे जिन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
Author: Rainbow News Hindustan
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