वंदेमातरम् राष्ट्र की जय चेतना और राष्ट्र भक्ति प्रेरणा का गान है -माली
नाडोल,पाली।
वंदेमातरम् राष्ट्र की जय चेतना और राष्ट्र भक्ति प्रेरणा का गान है ।यह वीरों के बलिदान की हुंकार है अतः वंदेमातरम् जन-मन के हर कंठ का गान बनना चाहिए। उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी विजय सिंह माली ने स्थानीय महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय नाडोल में वंदेमातरम् के 150वें वर्ष पर प्रार्थना सभा में व्यक्त किए।
माली ने कहा कि वंदे मातरम् गीत भारत की संस्कृति और मातृभूमि के गौरव का अमर स्तुति गान है जिसने सदैव देशभक्ति की ज्योति प्रज्ज्वलित की है।स्वतंत्रता संग्राम के समय राष्ट्र भक्ति का मंत्र फूंकने में वंदेमातरम् की भूमिका अविस्मरणीय रही अत: इसे राष्ट्र गीत का दर्जा दिया गया। हम प्रतिदिन इसका गायन कर इसे जीवन में उतार कर भारत माता की जय के लिए कार्य करें।इस अवसर पर राजेंद्र वैष्णव व कन्हैयालाल ने बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय के जीवन पर प्रकाश डाला।
तत्पश्चात संस्था प्रधान भगवती मेघवाल के नेतृत्व में समस्त स्टाफ व विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रुप से वंदेमातरम् गीत गाया गया। तत्पश्चात अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी विजय सिंह माली ने कक्षा शिक्षण कार्य का अवलोकन तथा स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन के तहत एस एच वी आर एप के द्वारा आनलाइन मूल्यांकन किया व आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि वंदे मातरम् गीत की रचना 7नवंबर 1876को बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने की थी।24जनवरी 1950को इसे राष्ट्र गीत के रुप में अंगीकृत किया गया।
Author: Rainbow News Hindustan
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