शिक्षकों के क्षमता संवर्धन हेतु क्लस्टर कार्यशाला उपयोगी -माली
सादड़ी ।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन हेतु शिक्षकों का क्षमता संवर्धन जरुरी है।इस हेतु क्लस्टर कार्यशाला उपयोगी है। शिक्षकों को चाहिए कि वे क्लस्टर कार्यशाला का लाभ लेकर एफ एल एन पर अपनी समझ बढ़ाते हुए क्षमता संवर्धन करें। उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी विजय सिंह माली ने स्थानीय पीएम श्री श्री धनराज बदामिया राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सादड़ी में आयोजित क्लस्टर कार्यशाला में व्यक्त किए।
माली ने कहा कि बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान हर बालक को हो इस हेतु शिक्षकों को अपनी कक्षा में गतिविधि आधारित आनंददायी शिक्षण को बढ़ावा देना होगा। माली ने कार्यशाला का निरीक्षण कर शिक्षकों व दक्ष प्रशिक्षक से फ़ीड बैक लिया व संबलन प्रदान किया।
सरस्वती पूजन से प्रारंभ हुई इस कार्यशाला में सर्वप्रथम प्रधानाचार्य कन्हैयालाल ने एफ एल एन कार्यशाला की रुपरेखा रखते हुए संभागियो से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने का आह्वान किया। तत्पश्चात दक्ष प्रशिक्षक नरेंद्र राठौड़ व गोविंद कुमार ने विभिन्न गतिविधियों व टी एल एम के माध्यम से संभागियो को एफ एल एन का अर्थ, आवश्यकता बताई व इसकी समझ विकसित करते हुए संभागियो की जिज्ञासाओं का समाधान किया। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के जगदीश डाबी ने अकादमिक व तकनीकी सहयोग प्रदान किया। संभागियो ने भी अपना डेमो दिया व रचनात्मक सुझाव दिए।मंच संचालन प्रकाश कुमार शिशोदिया ने किया।इस कार्यशाला में सादड़ी नगरपालिका क्षेत्र, गुड़ा जाटान व मांडीगढ पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों के रमेश कुमार वछेटा,प्रेम सिंह सोलंकी, रणछोड़ सिंह, युवराज गौड़, चुन्नीलाल राणा, राजबाला राठौड़ व भगवती समेत कक्षा 1-5में हिंदी पर्यावरण पढ़ाने वाले शिक्षकों ने भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि नई शिक्षा नीति नीति में एफ एल एन यानी बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान पर ज्यादा फोकस किया गया है।
Author: Rainbow News Hindustan
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