संस्कृति महाविद्यालयों में नियुक्तियों पर मंडराया भ्रष्टाचार का साया, लाखों की वसूली का आरोप।
अयोध्या।
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय से सम्बद्ध संस्कृति महाविद्यालयों में रिक्त अध्यापक पदों पर हो रही नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। समाजसेवी द्वारा दिए गए पत्र के अनुसार कई महाविद्यालयों द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान साक्षात्कार से पहले अभ्यर्थियों से 40 से 50 लाख रुपये तक की भारी-भरकम रकम की मांग की जा रही है।
कुलसचिव, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी द्वारा जारी आदेश पत्र (संख्या जी.735/2025 दिनांक 28.07.2025) के अनुसार सम्बद्ध महाविद्यालयों को अध्यापक पदों की भर्ती की अनुमति दी गई थी। लेकिन अब शिकायतें सामने आ रही हैं कि चयन प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं की जा रही हैं। आरोप है कि जो अभ्यर्थी मोटी रकम की व्यवस्था कर रहे हैं, उन्हें ही साक्षात्कार में अधिकतम अंक प्रदान कर चयनित घोषित किया जा रहा है। वहीं, उच्च योग्यता रखने वाले प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों की उपेक्षा की जा रही है।इस संबंध में अयोध्या निवासी समाजसेवी राजेश सिंह ‘मानव’, संरक्षक – श्री आदित्यनाथ गौ सेवा समिति, एवं पूर्व अध्यक्ष – स्वायत्त शासन कर्मचारी परिषद, ने कुलपति को एक शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने नियुक्तियों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और तत्काल प्रभाव से वर्तमान साक्षात्कार प्रक्रिया पर रोक लगाकर निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रणाली लागू करने की मांग की है। समाजसेवी राजेश सिंह का कहना है कि यदि ऐसे अयोग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति होती रही तो आने वाले समय में शैक्षिक स्तर में भारी गिरावट आना तय है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त संस्थाओं एवं व्यक्तियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
Author: Rainbow News Hindustan
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