बिना मैन्युफेक्चरिंग लाइसेन्स के चल रहे चैनजी हलवा के गोदाम पर खाद्य विभाग की छापेमारी।
गोदाम में मिली अनेक अनियमिताये, लाईसेन्स नहीं बनने तक हलवा बनाने पर रोक।
पाली।
जिले में मिलावटखोरो के खिलाफ विशेष अभियान के तहत आयुक्त खाद्य सुरक्षा औषधि नियंत्रण एच गुईटे के दिशा निर्देश पर जिला कलक्टर एलएन मंत्री व सीएमएचओ डॉ विकास मारवाल के निर्देशानुसार प्रसिद्ध चैनजी हलवा के गोदाम पर दबिश देकर खाद्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश चन्द्र शर्मा व दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व में सुधा नगर नया बस स्टेण्ड के सामने चैनजी हलवा वाले के गोदाम का निरिक्षण करने पर पाया की वर्षों से चैनजी हलवा के नाम से प्रसिद्ध मिठाई वाले खाद्य कारोबारकर्ता के पास मैन्युफेक्चरिंग लाईसेन्स ही नही था। साथ ही खाद्य पदार्थ जैसी चीज़ों का निर्माण करने वाल गोदाम में कार्यरत 10 से 12 कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस सटीफिकेट नहीं थे व हलवा निर्माण गोदाम में गन्दगी पायी गयी। निरीक्षण के दौरान अनेक प्रकार की अनियमितताएं पायी गयी, जो की भारतीय खाद्य मानक प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन था। इन सभी तथ्यो को ध्यान में रखते हुये खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा एफबीओ को नोटिस दिया गया तथा मैन्युफेक्चरिंग लाईसेन्स नहीं बनने तक गोदाम में हलवा नही बनाने के लिए पांबद किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश चन्द्र शर्मा ने गोदाम से हलवा व घी का सेम्पल लिया साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप सिहं यादव ने हलवे निर्माण के लिए उपयोग में लिये जाने वाले दूध का सेम्पल जांच के लिए लिया, जिसे जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में भिजवाया गया। जहां से रिपोर्ट प्राप्त होने पर कानूनी कार्यवाही को अंजाम दिया जायेगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल के साथ ऑपरेटर ओम प्रकाश प्रजापत, फुड सैफ्टी टैक्निशियन खुशाल चन्द सैन, रेक्सो चालक लक्ष्मणदान चारण उपस्थित रहे।
*प्रतिदिन लगभग हजार किलो हलवे का होता था उत्पादक*
पाली/वर्षों से विख्यात मिठाई चैनजी हलवा के नाम से विक्रय होने वाले हलवे के गोदाम पर कार्यवाही करने पर चौकाने वाले तथ्य सामने आये भारतीय खाद्य मानक प्राधिकरण के अनुसार कोई भी खाद्य कारोबारकर्ता बिना लाइसेन्स के निर्माण एवं उत्पादक इकाई का संचालन नही कर सकता लेकिन शहर के मध्य स्थित चैनजी हलवा के गोदाम पर प्रतिदिन लगभग एक हजार किलो से अधिक हलवे का उत्पादन किया जा रहा था। इतने बड़े उत्पादन में लगभग 5000 लीटर दूध व शक्कर का उपयोग लिया जाता था। चैनजी हलवे वाले के रिटेल मिष्ठान भंडार पर प्रतिदिन 03 से 04 लाख रूपये तक का हलवा मार्केट में बिकता है।
*रिटेल के लाईसेस से करता था कारोबार*
पाली/सीएमएचओ डॉ विकास मारवाल ने बताया की राज्य सरकार के शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत मिलावट के रोकथाम पर कार्यवाही करते हुये बस स्टेण्ड के सामने विख्यात चैनजी हलवे पर कार्यवाही करने पर पाया की खाद्य कारोबारकर्ता चैनसिहं राजपुरोहीत एफएसएसएआई के तहत रिटेलर का लाइसेंस लेकर खाद्य कारोबार करता था, इस लाईसेन्स के नियमानुसार खाद्य कारोबारकर्ता किसी भी खाद्य सामग्री का निर्माण एवं उत्पादन नहीं कर सकता है।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





