हे राम! गजब का खेल
मदद के नाम पर मंदबुद्धि युवक से 3.55 लाख की ठगी।
संजय यादव,अयोध्या।
मदद के नाम पर धोखा—ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला बीकापुर क्षेत्र के रहेट गांव में सामने आया है, जहाँ एक मंदबुद्धि युवक के बैंक खाते से ₹3,55,000 रुपये निकालकर ठगी का शिकार बना दिया गया। यह मामला अब इलाके में चर्चा का विषय बन गया है और स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्राम रहेट निवासी राजितराम, जो बचपन से ही मानसिक रूप से अस्वस्थ है और समाज के भले लोगों की दया पर अपना जीवन बसर करता है, उसके साथ इस धोखाधड़ी की घटना ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि गांव के ही अनिल कुमार रावत ने “मदद” का बहाना बनाकर पहले राजितराम का भरोसा जीता और फिर उसके बैंक खाते से फर्जी हस्ताक्षर करके ₹3,55,000 की भारी रकम निकाल ली।
इस पूरे मामले की जानकारी तब सामने आई जब राजितराम की बहन ने खाता जांचने पर पैसों की गड़बड़ी देखी। इसके बाद वह कोतवाली बीकापुर पहुंचीं और वहां लिखित तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों के अनुसार राजितराम के माता-पिता का देहांत कुछ वर्षों पूर्व हो चुका है और अब वह पूरी तरह समाज की दया पर निर्भर है। दुर्भाग्यवश यह पहली बार नहीं है जब राजितराम को निशाना बनाया गया हो। लगभग दो वर्ष पूर्व भी कुछ लोगों ने उसकी कीमती जमीन को हड़प लिया था, लेकिन प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
क्षेत्रीय जनता प्रशासन से मांग कर रही है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और गबन की धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि ऐसे असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश दिया जा सके।
*प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में*
इस तरह की घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या कमजोर वर्गों की रक्षा करने में प्रशासन विफल हो रहा है? एक मंदबुद्धि व्यक्ति, जो पूरी तरह समाज पर आश्रित है, जब उसी समाज से धोखा खाता है, तो सवाल कानून व्यवस्था और संवेदनशीलता पर उठते हैं।
Author: Rainbow News Hindustan
Mo.9414526432





