हिंदी भारतीय संस्कृति व अस्मिता की प्रतीक -माली।

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हिंदी भारतीय संस्कृति व अस्मिता की प्रतीक -माली

नाडोल,पाली16सितंबर।

हिंदी भारतीय संस्कृति व अस्मिता की प्रतीक है। हम हिंदी पढ़ें ,हिंदी पर गर्व करें।उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी प्रथम देसूरी विजय सिंह माली ने निकटवर्ती श्री खेताजी धन्ना जी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दादाई में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के तत्वावधान में हिंदी पखवाड़े के तहत आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त किए।
माली ने कहा कि हिंदी अपनी विशेषताओं के बल पर वैश्विक भाषा बनने की ओर अग्रेसर है। इस अवसर पर पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण सिंह सोलंकी ने कहा कि हिंदी हमारी आन मान शान है।हम हिंदी को दैनिक जीवन में प्रचलन में लाए।संगोष्ठी की अध्यक्षता लकमाराम चौधरी ने की।इस अवसर पर अमराराम ,दलपत सिंह सोलंकी ,शिवदयाल सोलंकी समेत समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।तत्पश्चात माली ने राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में भाग लिया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हिंदी संस्कृति व संस्कारों की भाषा है। इसमें रचित साहित्य विश्व का श्रेष्ठ साहित्य है।उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी में हस्ताक्षर करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर नीलम देवल,लालाराम मीना,कमल नवल,चेतन भाटी व राकेश सोलंकी सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
उल्लेखनीय है कि 14सितंबर से 28 सितंबर तक हिंदी पखवाड़ा मनाया जाता है

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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