साक्षरता सभी का मूलभूत मानवाधिकार-माली

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साक्षरता सभी का मूलभूत मानवाधिकार-माली

देसूरी,पाली।

साक्षरता सभी का मूलभूत मानवाधिकार है।साक्षरता शिक्षा,अवसर,आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी की बुनियाद है। सब पढ़ने लिखने के साथ डिजिटल साक्षर बने यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी प्रथम देसूरी ने निकटवर्ती राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आना में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर व्यक्त किए।
माली ने कहा कि साक्षरता लोगों को व्यापक ज्ञान,कौशल ,मूल्य,दृष्टिकोण और व्यवहार प्राप्त करने का आधार देती है।साक्षरता में लोगों‌ के जीवन को बदलने की शक्ति है।माली ने नव भारत साक्षरता अभियान की भी जानकारी दी व विद्यार्थियों से वालंटियर्स के रुप में निरक्षरों को साक्षर बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपप्राचार्य मनोज कुमार खत्री ने साक्षरता के अर्थ व महत्व पर प्रकाश डाला।मानाराम,पुखराज देवासी ने भी विचार व्यक्त किए।इस अवसर पर जुगराज माली ,मनोहर लाल ,रिंकू सुथार,विक्रम सिंह,हेमाराम चौधरी व दिनेश कुमार समेत समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।अंत में सभी ने निरक्षरता के कलंक को मिटाने व साक्षरता अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन मदनपुरी गोस्वामी ने किया।
उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष 8सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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