अयोध्या। राम मंदिर में दिए गए दान को लेकर सिंधी समाज दो गुटों में बंटता नजर आ रहा है।
मुंबई सिंधी समाज के नेता राजू मनवानी ने राम मंदिर को दान में दी गई 200 चांदी की ईंटों पर सवाल उठाए थे। इस बयान के बाद अयोध्या के सिंधी समाज ने राजू मनवानी से सार्वजनिक रूप से दूरी बना ली।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि दान देकर उसका हिसाब मांगना सिंधी समाज की परंपरा नहीं है।
उन्होंने कहा कि सिंधी समाज स्वयं को प्रभु श्रीराम का वंशज और सनातन धर्म का समर्पित अनुयायी मानता है।
समाज का कहना है कि राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक सिंधी समाज हमेशा समर्पित रहा है और आगे भी रहेगा।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते दान को विवाद का विषय बनाया।
उनका कहना है कि मामले में मुख्यमंत्री द्वारा गठित SIT की रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए था।सिंधी समाज ने कहा कि विपक्ष के आरोपों से सत्य नहीं बदलता और समाज देने में विश्वास रखता है, हिसाब मांगने में नहीं।
साथ ही समाज ने मांग की कि यदि दान या चढ़ावे में किसी ने गड़बड़ी की है तो SIT जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सख्त सजा दी जाए।
Author: Rainbow News Hindustan
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