परमात्मा की भक्ति सभी सुखों का मूल कारण।

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परमात्मा की भक्ति सभी सुखों का मूल कारण है

नेहरू कॉलोनी-फालना,पाली

जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा 5 आज बाली से विहार करके फालना पधारे। नेहरू नगर में सर्वोदय आराधना भवन में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन देते हुए जैनाचार्य श्री ने कहा कि-

जैसे फूलों का सार उसकी सुगंध है ,दूध का सार मलाई है,वैसे ही सभी आगम शास्त्रों का सार-परमात्मा की भक्ति है।

आज हमारे जीवन में जो कुछ भी अच्छा और शुभ है वह सभी परमात्मा की भक्ति के कारण है परमात्मा की भक्ति सभी सुखों का मूल कारण है।

श्रावक को प्रतिदिन सुबह ,दोपहर और शाम को त्रिकाल परमात्मा की पूजा करनी चाहिए ।
परमात्मा के नाम स्मरण में भी विशिष्ट शक्ति रही हुई है। जो हमारे जीवन के रोग ,शोक और उपद्रव भी श्वत: नष्ट हो जाते हैं।

पाप के उदय के कारण यदि जीवन में कोई भी आपत्ति आई हो तो उसे दूर करने का सर्वश्रेष्ठ उपाय है ” परमात्मा की भक्ति ”।

परमात्मा की भक्ति से सभी उपसर्गों का शमन होता है,विहन की लताएं-टूट जाती है और मन प्रसन्नता से भर जाती है।

दुनिया में ऐसी कोई चीज नहीं है जो हमें परमात्मा की भक्ति से प्राप्त न हो ।आवश्यकता है मात्र अपने मन में दृढ़ श्रद्धा की।

दिनांक- 27 जून को प्रातः 9:00 बजे जैनाचार्य श्री का प्रेरणादायी प्रवचन होगा।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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