भादसोड़ा थानााधिकारी महेन्द्र गुर्जर पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने के गंभीर आरोप।

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चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया रक्षक ही बने भक्षक : भादसोड़ा थानााधिकारी महेन्द्र गुर्जर पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने के गंभीर आरोप

“जब थानााधिकारी ही भू-माफियाओं के साथ खड़ा दिखाई दे, तो आम आदमी न्याय किससे मांगे?”

चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोड़ा थाना क्षेत्र में एक महिला के प्लॉट पर कथित अवैध कब्जे के प्रयास का मामला अब गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। पीड़िता कंचन सुखवाल ने सीधे तौर पर भादसोड़ा थानााधिकारी महेन्द्र गुर्जर पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने तथा पीड़ित पक्ष को दबाने के आरोप लगाए हैं

महिला के अनुसार उसके स्वामित्व वाले प्लॉट पर पिरु खटीक, जिसे क्षेत्र में भू-माफिया एवं ब्याज माफिया बताया जा रहा है, तथा केसरखेड़ी निवासी अर्जुन लाल ताकर, जो बिजली विभाग में कार्यरत हैं व विष्णु जाट पटेल की ढाणी द्वारा अवैध कब्जा बल पूर्वक किया जाने में प्रयासरत है

पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपने परिवार एवं अन्य प्लॉट मालिकों के साथ मौके पर पहुंची तो सामने पक्ष द्वारा 30-40 लोगों एवं कथित गुंडों को बुला लिया गया। इस दौरान महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गंदे इशारे किए गए तथा खुलेआम धमकियां दी गईं।

कंचन सुखवाल ने आरोप लगाया कि प्लॉट मालिक शोभा वैष्णव अन्य भूमि मालिक और सीता सुखवाल के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और भय का माहौल बनाया गया।

महिला का कहना है कि पूरे मामले के दौरान थानााधिकारी महेन्द्र गुर्जर का रवैया लगातार आरोपी पक्ष के समर्थन में दिखाई दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि महेन्द्र गुर्जर लंबे समय से भादसोड़ा थाने में पदस्थापित हैं तथा जमीनों के दाम बढ़ने से क्षेत्र में भू-माफियाओं को संरक्षण देकर अवैध कब्जों को बढ़ावा दे रहे हैं व थानाधिकारी महेंद्र गुर्जर- पीरु खटीक, अर्जुन लाल ताकर व विष्णु जाट पटेल की ढाणी के साथ मिलकर जमीन पर अवैध कब्जा लेने की कोशिश कर रहे है

पीड़िता के अनुसार जब वह शिकायत लेकर भादसोड़ा थाने पहुंची तो थाने का घेराव कर दबाव बनाने की कोशिश की गई तथा महिला पक्ष को धमकाया गया कि उन्हें जेल में बंद कर मारपीट की जाएगी। इसके बावजूद थानााधिकारी महेन्द्र गुर्जर द्वारा पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा देने या आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया गया व पीड़िता कंचन सुखवाल और अन्य भू मालिकों को लगातार 5 दिन थाने बुला कर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब महेन्द्र गुर्जर को वीडियो मे बताया गया कि महिलाओं के साथ गंदे इशारे एवं अभद्र व्यवहार किया जा रहा है, तब उन्होंने कथित रूप से कहा —
“आप यहां इशारे पाने के लिए क्यों आई हैं?”

इस कथित बयान के बाद क्षेत्र में थानााधिकारी महेन्द्र गुर्जर की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक महिला को न्याय मांगने पर अपमान और धमकियां मिलें, तो आम आदमी के लिए न्याय की उम्मीद करना कठिन हो जाता है।

पीड़ित पक्ष ने उपखंड अधिकारी को फोन किया गया तो उनके द्वारा कहा गया में कुछ नहीं कर सकती जो कि बहुत निंदनीय है। आमजन का समर्थन करने वाला कोई नहीं है।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

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