चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया
गायत्री मंत्र जप, गौ माता व ब्राह्मण सेवा ही सनातन का आधार
: सद्योजात शंकराश्रम स्वामीजी
चित्तौड़गढ़। मीरा की पावन धरा चित्तौड़गढ़ के भादसोड़ा स्थित श्री सांवलिया जी प्राकट्य स्थल पर गुरुवार को आध्यात्मिक आस्था और श्रद्धा का अनुपम संगम देखने को मिला। सद्योजात शंकराश्रम स्वामीजी के सान्निध्य में आयोजित भव्य धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
स्वामीजी ने श्री सांवलिया सेठ के दर्शन उपरांत श्री सांवलिया धर्मशाला एसी में आयोजित सभा में आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि सनातन धर्म का मूल आधार गायत्री मंत्र जप, गौ माता की सेवा एवं ब्राह्मण सेवा है। उन्होंने कहा कि इन तीनों स्तंभों पर ही भारतीय संस्कृति और धर्म की सुदृढ़ नींव टिकी हुई है। नियमित साधना, सेवा भाव और संस्कारयुक्त जीवन से ही आध्यात्मिक उन्नति संभव है।
धर्मसभा से पूर्व स्वामीजी का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। क्षेत्र की महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर मंगल गीतों के साथ अभिनंदन किया। सांवरिया जी प्राकट्य स्थल मंदिर के कोषाध्यक्ष बाबूलाल ओझा, अशोक अग्रवाल, भादसोड़ा सरपंच शम्भू सुथार, रमेश चंडालिया, भदेसर पंचायत समिति सदस्य गोविंद सोनी, पूर्व मंदिर प्रशासनिक अधिकारी कैलाश दाधिच सहित मंदिर मंडल की ओर से सांवलिया सेठ की तस्वीर भेंट कर उपरना ओढ़ाकर स्वामीजी का सम्मान किया गया।
निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत मंदिर दर्शन, दीप नमस्कार, तीर्थ वितरण एवं फल-मंत्राक्षत का आयोजन हुआ। सायंकाल स्वामीजी ने सांवलिया श्रीसुरभि गौशाला पहुंचकर गौसेवा की तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक आम का पौधा रोपित किया।
मां शारदा सेवा समिति के मुख्य संरक्षक प्रमोद व्यास एवं हरिद्वार धर्मशाला अध्यक्ष संदीप व्यास ने धर्मसभा को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम आयोजक सांवलिया सेठ एवं मां शारदा सेवा समिति की ओर से महेंद्र जोशी एवं धीरज कौशिक ने आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन किया। आयोजन सांवलिया सेठ एवं मां शारदा सेवा समिति के तत्वावधान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
Author: Rainbow News Hindustan
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