झलकारी बाई के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र प्रथम के भाव से कार्य करें -माली
घाणेराव 21नवंबर।
वीरांगना झलकारी बाई ने रानी लक्ष्मीबाई के सहयोगी के रूप में 1857के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।हमें उनकी जीवनी पढ़नी चाहिए व उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र प्रथम के भाव से कार्य करना चाहिए। उक्त उद्गार अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिह माली ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गुड़ा भोपसिंह में झलकारी बाई के जन्मदिन पर प्रार्थना सभा में व्यक्त किए।
माली ने कहा कि झलकारी बाई का जीवन हमें बताता है कि सामान्य व्यक्ति भी राष्ट्र के लिए बहुत बड़ा काम कर सकता है।हम भी पढ़ाई-लिखाई कर भारत माता की जय के लिए कार्य करें।इस अवसर पर संस्था प्रधान गजेंद्रकुमार देवड़ा ने कहा कि महापुरुषों का जीवन हमारे लिए प्रेरणास्रोत होता है अतः हमें उनकी जीवनियां पढ़कर उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।इस अवसर पर पुष्पेंद्रसिंह गेहलोत, सुनिलसिंह रावत,प्रमिला नरुका,ऊषा शर्मा व लालाराम जाट सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
देवड़ा ने बताया कि इस अवसर पर माली ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें नियमित विद्यालय आने, स्वच्छता को अपना स्वभाव व संस्कार बनाने के लिए भी प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की सहयोगी झलकारी बाई का जन्म 21नवंबर 1830को हुआ था।
Author: Rainbow News Hindustan
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