इंद्र का अहंकार दूर करने के लिए श्री कृष्ण के कहने पर मनाया जाता है अन्नकूट का त्यौहार।

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पारंपरिक रूप से मनाया गया अन्नकूट का त्यौहार
इंद्र का अहंकार दूर करने के लिए श्री कृष्ण के कहने पर मनाया जाता है अन्नकूट का त्यौहार

अयोध्या।

अयोध्या लक्ष्मण घाट क्षेत्र में स्थित नया मंदिर शीश महल में पारंपरिक रूप से अन्नकूट का त्यौहार मनाया गया, इस अवसर पर मंदिर के महंत राम लोचन शरण शास्त्री राजन बाबा के द्वारा मंदिर में आए हुए भक्तों एवं शुभचिंतकों को अन्नकूट का प्रसाद परोसा गया, इस अवसर पर मंदिर के महंत राम लोचन शरण शास्त्री राजन बाबा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह परंपरा भगवान राम के वनवास से लौटने की खुशी और उनके स्वागत में मनाई जाती है, जब अयोध्यावासियों ने उन्हें विभिन्न प्रकार के व्यंजन अर्पित किए थे। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडेय ने कहा कि यह परंपरा कृष्णकाल से भी जुड़ी हुई है ,और भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी से भी जुड़ी हुई है, श्री भगवान श्री कृष्ण द्वारा इंद्र के घमंड को दूर करने के लिए जब गोवर्धन पर्वत उठाया गया था तब से ही अन्नकूट त्योहार मनाने की परंपरा प्रारंभ हुई, धर्म सेवा के प्रदेश अध्यक्ष रवि शंकर पांडेय ने कहा कि यह पर्व भगवान राम के प्रति प्रेम प्रकट करने हेतु अयोध्या वासी मानते हैं अन्नकूट का प्रसाद चने वाले प्रमुख भक्तों में अमर सिंह ,नवीन सिंह, राजित राम शर्मा ,जगदंबा पांडेय ,जितेंद्र कुमार, अवनीश कुमार ,राजेश वर्मा ,मनका शर्मा ,कमलेश शर्मा ,शिवानी शर्मा स्वाति शर्मा, अशोक सिंह, सहित सैकड़ो की संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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