सेवा-सुरक्षा और आजीविका के मुद्दे पर शिक्षकों की हुंकार,प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

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सेवा-सुरक्षा और आजीविका के मुद्दे पर शिक्षकों की हुंकार, प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

अयोध्या।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश जनपद अयोध्या की अगुवाई में सोमवार को सैकड़ों शिक्षक एकजुट होकर अपनी सेवा-सुरक्षा और आजीविका से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे। तहसील परिसर में आयोजित शांति पूर्ण प्रदर्शन के पश्चात सभी शिक्षकों ने एकजुट होकर तहसीलदार सदर स्नेहिल वर्मा को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 01 सितम्बर 2025 को माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा TET को लेकर पारित आदेश में संशोधन की मांग की गई।ज्ञापन में शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि इस निर्णय ने लाखों शिक्षकों की नौकरी और भविष्य को संकट में डाल दिया है। संगठन का कहना है कि यह निर्णय न केवल शिक्षकों के लिए अन्यायपूर्ण है, बल्कि संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता पर भी गंभीर प्रभाव डालेगा।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष निखिल सिंह, जिला मंत्री अजीत सिंह, उपाध्यक्ष अरविंद तिवारी, संयुक्त मंत्री हरिकेश यादव, नीरज शुक्ल, जिला मीडिया प्रभारी सुधांशु मिश्र, सहित तीन दर्जन से अधिक शिक्षक साथी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से प्रभाकर सिंह, मनीष रस्तोगी, सुनीता, मोनिका सिंह, राम लोचन यादव, सुधाकर पांडेय और धर्मेंद्र सिंह ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगे: न्यायालय के आदेश को भविष्यकालीन (Prospective) रूप से लागू किया जाए। वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को आदेश से मुक्त किया जाए। शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और आजीविका की रक्षा हेतु प्रधानमंत्री तत्काल हस्तक्षेप करें।
शिक्षकों ने कहा कि यह सिर्फ उनके रोजगार की लड़ाई नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और स्थायित्व की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ निखिल सिंह जिलाध्यक्ष, अजीत सिंह जिला मंत्री/संयुक्त संयोजक, अरविंद तिवारी उपाध्यक्ष,
हरिकेश यादव संयुक्त मंत्री, नीरज शुक्ल संयुक्त मंत्री, सुधांशु मिश्र- जिला मीडिया प्रभारी मौजूद थे।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

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