जिम्मेदार अधिकारी मौन,प्रदूषण बढ़ा,सांसें महंगी हुईं।

SHARE:

रामनगरी में प्रदूषण के खरदूषण,जब हवा भी बिकने लगी कीमत पर।
एनओसी की फाइलों पर ताला, रिश्वत की चाबी से खुलता रास्ता।
जिम्मेदार अधिकारी मौन, प्रदूषण बढ़ा, सांसें महंगी हुईं।

अयोध्या।

धर्म और आस्था की नगरी, अयोध्या, अब प्रदूषण और भ्रष्टाचार के बीच घुटने लगी है। जहां एक ओर रामनगरी की पवित्र हवा का शुद्ध होना आवश्यक है, वहीं प्रदूषण विभाग में कथित तौर पर भ्रष्टाचार का धुंआ फैल चुका है। होटल और गेस्ट हाउस के एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के नाम पर विभागीय कर्मचारी और कुछ अधिकारी खुलेआम रिश्वत वसूल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, आवेदकों से 10 से 20 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है, ताकि फाइलें आगे बढ़ सकें और एनओसी जारी किया जा सके।प्रदूषण विभाग का काम हवा और पानी को शुद्ध रखना है, लेकिन यहां तो अब हर सांस की कीमत तय की जा चुकी है। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी, बिना मोटी रकम के किसी को भी एनओसी जारी नहीं करते। कई बार नियमों की आड़ में फाइलों को अटका दिया जाता है, जिससे आवेदकों को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है। वसूली की रकम 10,000 रुपये से शुरू होती है और 20,000 रुपये तक पहुंच सकती है।
सवाल उठते है
क्या प्रदूषण विभाग में रिश्वतखोरी की जड़ें ऊपर तक फैली हैं?
मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस के दावे सिर्फ कागज पर ही क्यों हैं?
कब तक रामनगरी की हवा को इस भ्रष्टाचार की बदबू झेलनी पड़ेगी?
अयोध्या में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, लेकिन इससे भी ज्यादा खतरनाक है भ्रष्टाचार का प्रदूषण। अब सवाल ये है कि क्या विभाग पर जल्द कार्रवाई होगी, या फिर हवा बेचने का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?
बॉक्स
जब संवाददाता ने प्रदूषण कार्यालय में जाकर आरोपों के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की, तो वहां मौजूद एई ओम प्रकाश ने बताया, “हम कोई जानकारी नहीं दे सकते, क्योंकि क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी आर.बी. सिंह नहीं हैं। उनके पास दो मंडलों का चार्ज है और वे आज बस्ती गए हैं। उनके आने पर ही जानकारी मिल पाएगी।
अयोध्या में वायु प्रदूषण पर कदम
अयोध्या में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और नगर निगम मिलकर काम करेंगे। विश्वविद्यालय द्वारा किए गए वायु गुणवत्ता शोध के नतीजों के आधार पर प्रदूषण नियंत्रण उपाय किए जाएंगे। यह पहल राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मदद से संभव हो रही है। शोध में यह सामने आया है कि रामनगरी में नाइट्रोजन ऑक्साइड और धूल कणों की मात्रा बढ़ गई है, जो वायु प्रदूषण को और बढ़ा रहे हैं।

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

Leave a Comment