मधुर कंठी जिन प्रिया श्री जी म. साहब द्वारा प्रवचन प्रारंभ किया
चितौडगढ नरेन्द्र सेठिया।
श्री श्री माल सेठ जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक अचलगच्छ संघ उपाश्रय सनवाड में महा तपस्विनी तप ज्योति कैवल्य प्रिया श्री जी म. साहब एवं मधुर कंठी जिन प्रिया श्री जी म. साहब द्वारा प्रवचन प्रारंभ किया गया। श्री संघ को प्रथम प्रवचन में पुण्य कैसे कमाया जाता है एवं पुण्य के बिना मनुष्य जीवन कितना कठिन होता है उसके बारे में बताया क्योंकि व्यक्ति बिना परिवार धन एवं परमात्मा के रह सकता है परंतु पुण्य के बिना एक पल भी जीवित नहीं रह सकता है क्योंकि किसी भी विपत्ति में पुण्य ही काम आता है तथा उन्होंने यह भी बचाया की पुण्य आर्य संस्कृति से चला रहा है जो हमारे पूर्वजों द्वारा किया जाता था जिसमें हमें पुण्य कमाने के तरीके बताये गये है ।उन तरीकों में से साध्वी जी ने एक तरीका दान का बताया दान भी कई प्रकार से किये जा सकते हैं जिनमें से एक समय के दान पर चर्चा की गई।
Author: Rainbow News Hindustan
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