अयोध्या में आधे घंटे की बारिश ने वो कर दिखाया जो विपक्ष, मीडिया और सोशल एक्टिविस्ट सालों से नहीं कर पाए।

SHARE:

अयोध्या में आधे घंटे की बारिश ने वो कर दिखाया जो विपक्ष, मीडिया और सोशल एक्टिविस्ट सालों से नहीं कर पाए।
*नगर निगम के दावों का पानी-पानी कर दिया* वो भी सचमुच के पानी से।

*महापौर साहब बोले थे कि* “अबकी बार जलभराव मुक्त अयोध्या”, लेकिन शायद उन्होंने *जलभराव’ को पर्यटन स्थल समझ लिया था और ‘मुक्त’ को ठेकेदार का नाम।* परिणामस्वरूप, *जैसे ही इंद्रदेव ने अपनी टोंटी खोली, नगर निगम की तैयारी तिनके की नाव निकली जहां श्रद्धालु गंगा स्नान को अयोध्या आते हैं, वहां *अब गलियों में गोता लगाने लगे।*
नगर निगम ने दावा किया था कि सभी नालियां साफ हैं, और नगरवासी अब *‘स्वच्छता के रामराज्य’ में हैं। लेकिन बारिश ने नालियों की सच्चाई दिखा दी* जैसे सीवर नहीं, डूबते सपनों की सुरंगें हों। ₹ सड़कों पर कागज की नावों ने नगर विकास की योजनाओं को पछाड़ दिया।
श्रद्धालु सोच में पड़ गए* रामलला के दर्शन करें या पहले खुद को जल से बाहर निकालें? कुछ गलियां इतनी लबालब हुईं कि राम की पैड़ी’ पर जलभराव कम, और मुहल्लों में ज़्यादा नजर आया।*
इंद्रदेव ने अगर दो घंटे और कृपा कर दी होती तो महापौर साहब को गोताखोरों की टीम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ती* “देखिए, हम हर वार्ड में तैरने की सुविधा भी मुफ्त देंगे!* अब नगर निगम की सोशल मीडिया टीम को *जल-पर्यटन’ पर विज्ञापन बनाना चाहिए आओ देखो स्मार्ट सिटी में कैसे बहती हैं योजनाएं!*

कुल मिलाकर, यह सिद्ध हुआ कि अयोध्या अब *‘स्मार्ट सिटी’ नहीं, ‘स्नान सिटी’ बन चुकी है* जहां योजनाएं कागज़ पर बनती हैं और गलियों में बह जाती हैं।
*जय इंद्रदेव की!*

Rainbow News Hindustan
Author: Rainbow News Hindustan

Mo.9414526432

Leave a Comment