दिन भर राक्षशी अभिनय के साथ धूमधाम से सम्पन्न हुआ नृसिंह चतुर्दशी का मेला।
हिरण्यकश्यप व बादरिया राक्षसी स्वांग रच कर लोगो पर जमकर बरसाए कोड़े।
नृसिंह अवतार के बाद महाआरती के साथ मेला सम्पन्न हुआ।
घाणेराव,पाली
रियासत काल में गोडवाड की राजधानी रहे घाणेराव नगर में रियासत काल से चली आरही परम्परा के अनुसार रविवार को बदरिया चौहादस का मेला लक्ष्मीनाथ मंदिर से हिरण्यकश्यप व बदरिया के राक्षसी मुखौटे लगाकर व पोशाके पहनकर स्वांग रचकर हाथों में हंटर लेकर आम लोगों पर राक्षसी अभिनय करते रहे। शाम होते ही रावला में यह अभिनय मेले में तब्दील हो गया। जहां पर वाद्ययंत्रों की मंगल ध्वनि के साथ जमकर हुड़दंग मचाया। इसके बाद सभी लक्ष्मीनाथ मंदिर में पहुंच कर भजन कीर्तन मंडली व लोगों पर जमकर कोड़े बरसाए। सूर्यास्त होते भगवान नृसिंह का स्वांग रच मंदिर बाहर आए युवक से लोगों ने आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही बादरिया व हिरण्यकश्यप का स्वांग उतार कर लुप्त हो गए। इस दौरान लक्ष्मीनाथ भगवान की महाआरती का आयोजन का प्रसाद वितरण किया गया। इसी के साथ मेला हर्षौल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
Author: Rainbow News Hindustan
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