अयोध्या के कालेराम मंदिर में हनुमान जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया। 
देवी स्वरूप में विराजमान हैं हनुमान जी
हाथ में गदा नहीं, कटार लिए हुए है।
संजय यादव अयोध्या
श्री कोलराम मंदिर में विराजमान श्रीहनुमान जी का जन्म आज धूमधाम से दक्षिण भारतीय परंपरा के तहत मनाया गया।
अयोध्या के प्रसिद्ध कालेराम मंदिर में हनुमान जयंती मनाई गई। पूजन सुबह 4.30 बजे से शुरू हुआ। महंत राघवेंद्र देश पांडेय
सरयू जल से भगवान का अभिषेक कराया गया। सुबह 6 बजे हनुमानजी का मंगल ध्वनियों के बीच जन्म हुआ। इसके बाद श्रृंगार आरती की गई। राम शरण व्यास से हनुमान जन्म की कथा सुनाई।
पुजारी गोपाल राव देश पांडे, ने बताया कि सुबह 7 बजे काले राम मंदिर के गर्भगृह में विराजमान श्रीराम पंचायतन के विग्रहों की श्रृंगार आरती कर स्तुति और प्रसाद वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि मंदिर में विराजमान हनुमान का विग्रह भगवान श्रीराम-लक्ष्मण की रक्षा के लिए पाताल लोक मे देवी का रूप धारण किए हुए हैं। देवी के स्वरूप के साथ उन्हीं की तलवार भी हनुमान जी के हाथ में हैं। उनके पैर के नीचे अहिरावण है।
उन्होंने बताया कि कालेराम के गर्भगृह में विराजमान श्रीराम पंचायतन में भगवान श्रीराम चारो भैया और जानकी जी काले सालिग्राम के एक ही मणि पत्थर में दर्शन देते हैं। पहले यह मूर्ति श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान थी। जिसे वहां के पुजारी ने 1528 में अपवित्र होने के डर से सरयू में प्रवाहित कर दिया है। कालांतर में यह दिव्य मूर्ति स्वप्न के जरिए सरयू स्नान करते समय एक महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण को प्राप्त हुई।
जन्मोत्सव के बाद श्री हनुमान के दर्शन
इस अवसर पर सहायक पुजारी भालचंद्र देश पांडेय, हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास, महंत रामकुमार दास, हनुमत सदन के महंत अवध किशोर शरण, सहित सैकड़ों लोगों की मौजूदगी रही।
Author: Rainbow News Hindustan
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